जमशेदपुर: निखार सबलोक के बाद गैंगस्टर के एक और करीबी की होने वाली थी हत्या, पुलिस ने शूटर को किया गिरफ्तार

शहर के होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या में पुलिस को एक और सफलता मिली है. निखार की हत्या में विफल होने के बाद अपराधी गणेश सिंह गिरोह के एक सदस्य की हत्या के लिए शहर आए 2 शूटरों को जमशेदपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): शहर के होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या में पुलिस को एक और सफलता मिली है. निखार की हत्या में विफल होने के बाद अपराधी गणेश सिंह गिरोह के एक सदस्य की हत्या के लिए शहर आए 2 शूटरों को जमशेदपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार दोनों अपराधियों ने होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या करने की सुपारी भी ली थी, लेकिन दोनों उसकी हत्या नहीं कर पाए. फिर दोनों ने गणेश सिंह गिरोह के दूसरे सदस्य की हत्या के लिए शहर पहुंचे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर निवासी प्रदीप सिंह (38) और अभिनय यादव (24) शामिल हैं. पुलिस ने दोनों के पास से एक लोडेड देसी पिस्तौल बरामद की है. गुरुवार को प्रेस वार्ता में एसपी ऋषभ द्विवेदी ने पूरे मामले का खुलासा किया. एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रदीप सिंह का अपराधिक इतिहास रहा है. उसपर उत्तर प्रदेश में हत्या, लूट, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट समेत 10 मामले दर्ज हैं. दोनों आरोपियों को सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के पाण्डेय घाट के पास से गिरफ्तार किया गया.

भाड़ा के मकान में रह रहे थे
एसपी ने बताया कि दोनों शूटरों को जमशेदपुर के सिंटू सिंह उर्फ अभिमन्यु सिंह और अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव ने शहर बुलाया था. दोनों को कुम्हारपाड़ा स्थित अशोक कुमार के मकान में सुनील रजक के माध्यम से ठहराया गया था. गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने 19 अगस्त को निखार सबलोक की हत्या के लिए 15 लाख रुपये की सुपारी ली थी. लेकिन दोनों निखार की हत्या नहीं कर पाए. हालांकि, सुपारी की रकम के एडवांस को लेकर सिंटू सिंह से विवाद होने के कारण वे हत्या किए बिना उत्तर प्रदेश लौट गए थे. उन्हें एक अन्य व्यक्ति की हत्या के लिए टारगेट और सुपारी की रकम तय होने का इंतजार था. दोनों फिर गणेश गिरोह के एक सदस्य की हत्या के लिए जमशेदपुर पहुंचे. गिरोह के किस सदस्य की हत्या करनी है इसकी जानकारी दोनों को अशोक सिंह राघव से मिलनी थी. दोनों को यह नहीं पता था कि अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव को पुलिस के गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है. 

गणेश गिरोह के कई विरोधी गुट के टारगेट पर
बताया जा रहा है कि गणेश सिंह गिरोह के निखार सबलोक की हत्या के बाद विरोधी गुट गणेश सिंह गिरोह के अन्य सदस्यों की हत्या भी करना चाहते थे. सूत्रों के अनुसार गणेश सिंह के रिश्तेदार विनोद सिंह, बागबेड़ा निवासी विजय सिंह उर्फ मोनू, नारायण की हत्या करने की योजना भी विरोधी गुट की थी. गणेश सिंह की रेकी भी की जा रही थी. इसके अलावा उसके साथियों की रेकी भी की जा रही थी. सूत्रों की मानें तो गैंगस्टर अखिलेश सिंह गिरोह के सिन्टू सिंह उर्फ अभिमन्यु सिंह और अशोक सिंह राघव इनकी हत्या करने के लिए शूटरों को शहर बुलाया था. बताया जा रहा है कि गैंगस्टर विक्रम शर्मा की हत्या का बदला लेने के लिए गणेश गिरोह के सदस्यों की हत्या की योजना बनाई गई थी. 


24 अगस्त को निखार ही हुई थी हत्या
24 अगस्त को जमशेदपुर के होटल कारोबारी निखार सबलोक की हत्या चांडिल थाना क्षेत्र के आसानबनी स्थित 10th माइल स्टोन रेस्टोरेंट में हत्या की गई थी. उन्हें 11 गोलियां मारी गई थी. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों शूटर पहले निखार की हत्या के लिए शहर आए थे. लेकिन इनके विफल होने के बाद दूसरे शूटरों के माध्यम से निखार की हत्या कराई है. पुलिस ने निखार की हत्या मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं, अपराधी सिंटू सिंह उर्फ अभिमन्यु सिंह की दिल्ली से गिरफ्तार होने की सूचना है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है. बताया जा रहा है कि सिंटू सिंह ने शूटरों को बुलाया था जबकि अशोक सिंह राघव फाइनेंस कर रहा था.