जमशेदपुर में 200 करोड़ की जलापूर्ति योजना पर ग्रहण, सिर्फ 2 ट्रांसफॉर्मर के कारण डेढ़ लाख लोगों को नहीं मिला पानी
पटमदा और बोड़ाम में 200 करोड़ की जलापूर्ति योजना चार साल बाद भी अधूरी है. पाइपलाइन और टंकी तैयार होने के बावजूद सिर्फ दो ट्रांसफॉर्मर नहीं लगने से करीब 30 हजार परिवारों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है.
जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): पूर्वी सिंहभूम जिले में घर-घर पानी पहुंचाने का काम कई जगहों पर पूरा नहीं हुआ है. घर-घर नल योजना से जिले के पटमदा और बोड़ाम में घर-घर पानी अब तक पहुंचाया नहीं जा सका है. इन दोनों जगहों पर लोगों को घर-घर नल से पानी देने की योजना सिर्फ कागजों में ही आगे बढ़ता दिख रहा है. दरअसल, पटमदा और बोड़ाम में चार साल बीतने के बाद भी घर-घर पानी नहीं पहुंच पा रहा है. इसका सबसे बड़ा कारण ट्रांसफार्मर का ना होना माना जा रहा है. योजना के लिए पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है. पानी की टंकी भी तैयार है. लेकिन सिर्फ 2 ट्रांसफार्मर ना मिलने से यह योजना अब तक शुरू नहीं हो सकी है.
करीब 200 करोड़ की लागत से वृहत जलापूर्ति योजना के तहत पटमदा और बोड़ाम में घर-घर पानी पहुंचाना था. चांडिल के गांगुडीह में इंटकवेल भी तैयार है. यहां से पटमदा तक पानी पहुंचाने के लिए 1000 केवीए का ट्रांसफॉर्मर लगाया जाना है. इसी तरह बोड़ाम के आमजोर में बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट को चालू करने के लिए भी 1000 केवीए के ट्रांसफॉर्मर लगाना है. लेकिन दोनों जगहों पर ट्रांसफार्मर नहीं लगने के कारण योजना शुरू नहीं हो सकी है.
पैसा मिलने के बाद भी बिजली विभाग ने नहीं लगाया ट्रांसफार्मर
ऐसा नहीं है कि 2 ट्रांसफॉर्मर लगाने के लिए बिजली विभाग के पास पैसे नहीं है. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने जनवरी 2025 में दोनों स्थानों पर ट्रांसफार्मर लगाने के लिए 6 करोड़ रुपए झारखंड राज्य विद्युत बोर्ड को दे दिए थे. लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी यहां ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया. इसका सीधा असर स्थानीय ग्रामीणों पर पड़ रहा है. गर्मी के दिनों में पटमदा और बोड़ाम के कई इलाकों में पानी की समस्या रहती है. खासकर पहाड़ी इलाकों में रहने वालों को काफी परेशानी होती है. इसके बाद भी घर घर पानी पहुंचाने की योजना पूर्ण होने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. करीब 200 करोड़ रुपये की इस योजना का लाभ पटमदा और बोड़ाम की 27 पंचायतों को देना है. 30 हजार गपरिवारों के घरों में नल से पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. यह योजना पूर्ण हुआ तो करीब डेढ़ लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा.
2024 तक योजना पूर्ण करने का था लक्ष्य
पटमदा और बोड़ाम में इस योजना की शुरूआत वर्ष 2022 में की गई थी. इस योजना को साल 2024 तक पूरा करना था. लेकिन समय सीमा से 2 साल अधिक होने के बाद भी यह योजना पूर्ण नहीं हो पाया है. वो भी तब जब इस परियोजना का बड़ा हिस्सा जैसे टंकी, पाइप बिछाने का काम पूरा हो चुका है. सिर्फ 2 ट्रांसफार्मर नहीं लगने के कारण करीब डेढ़ लाख की आबादी को इसका लाभ नहीं मिल रहा है. इधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी करीब आते ही पटमदा-बोड़ाम के कई इलाकों में पानी की समस्या शुरू हो जाती है. लोगों को उम्मीद है कि योजना का कम जल्द पूरा होगा.