धनतेरस पर जमशेदपुर के बाजारों में रौनक, खरीदारी करने निकली विधायक पूर्णिमा दास

धनतेरस के मौके पर जमशेदपुर के बाजारों में रौनक देखते ही बन रही है. सुबह से ही शहर के बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है. लोग अपने परिवार के साथ खरीदारी के लिए घरों से निकल रहे हैं. धनतेरस पर झाड़ू, बर्तन से लेकर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा है. इसी वजह से बाजारों में हर तरफ चहल-पहल देखने को मिल रही है.

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): आज धनतेरस है. ऐसे में जमशेदपुर के बाजारों में रौनक देखते ही बन रही है. सुबह से ही शहर के बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ रही है. लोग अपने परिवार के साथ खरीदारी के लिए घरों से निकल रहे हैं. धनतेरस पर झाड़ू, बर्तन से लेकर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा है. इसी वजह से बाजारों में हर तरफ चहल-पहल देखने को मिल रही है. खासकर सर्राफा बाजार में सुबह से ही ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है.

सोना-चांदी की दुकानों पर विशेष ऑफर

धनतेरस को देखते हुए शहर के सर्राफा कारोबारियों ने भी अपनी दुकानों को आकर्षक तरीके से सजाया है. ग्राहकों को लुभाने के लिए दुकानदारों की ओर से कई तरह के ऑफर दिए जा रहे हैं. इस बार सोने की कीमतों में आई कुछ गिरावट से भी खरीदारों में उत्साह देखने को मिल रहा है. वहीं, ग्राहकों के बजट को ध्यान में रखते हुए दुकानदारों ने हल्के वजन के सोने और चांदी के आभूषण भी उपलब्ध कराए हैं. इससे कम बजट में खरीदारी करने वाले लोगों को भी अपनी पसंद के गहने खरीदने का मौका मिल रहा है.

विधायक पूर्णिमा दास साहू ने की लोकल सामानों की खरीदारी

वहीं, धनतेरस के अवसर पर भाजपा विधायक पूर्णिमा दास साहू भी बाजार पहुंचीं और खरीदारी की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल फॉर वोकल’ अभियान को बढ़ावा देते हुए स्थानीय दुकानदारों से मिट्टी के दीये, मिट्टी से बने दिवाली घर, झाड़ू और पूजा सामग्री खरीदी. इस दौरान उन्होंने जमशेदपुर के लोगों से भी अपील की कि वे दीपावली पर स्थानीय कारीगरों और छोटे दुकानदारों के बनाए सामानों को प्राथमिकता दें.

स्थानीय कारीगरों के घर भी रोशन हों

विधायक ने कहा कि मिट्टी के दीये और अन्य सामान खरीदकर लोग न केवल अपनी दीपावली को खास बना सकते हैं, बल्कि कुम्हारों और स्थानीय कारीगरों की आजीविका में भी योगदान दे सकते हैं. उन्होंने लोगों से स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपनाने की अपील की, ताकि दीपावली की खुशियां उन परिवारों तक भी पहुंचें, जो पूरे साल त्योहार के लिए सामान तैयार करते हैं.

रिपोर्ट-रंजीत कुमार ओझा