जमशेदपुर: पेट्रोल पंप से 70 मीटर दूर फैक्ट्री में भड़की आग, 4 घंटे की मशक्कत के बाद पाया काबू
बहरागोड़ा के छोटा अर्जुना में फलक इंडस्ट्रियल फ्यूल के परिसर में अचानक भीषण आग लग गई. करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद दमकल टीम ने आग पर काबू पाया. हादसे में सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं.
जमशेदपुर: बहरागोड़ा प्रखंड के खंडामौदा पंचायत अंतर्गत छोटा अर्जुना मौजा में बुधवार को फलक इंडस्ट्रियल फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में अचानक भीषण आग लग गई. एनएच-49 के किनारे स्थित कंपनी में आग लगते ही कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. कुछ ही देर में आग की लपटें काफी ऊंचाई तक उठने लगीं और घने धुएं का गुबार आसपास के इलाके में फैल गया. घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों में भी दहशत का माहौल बन गया.
आग की सूचना मिलने के बाद बरसोल पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची. फायर ब्रिगेड के जवानों ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. कंपनी परिसर में घटना के समय करीब 15 कर्मचारी मौजूद थे. आग फैलते ही सभी कर्मचारी सुरक्षित बाहर निकल गए, जिससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई.
घटना की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कंपनी से महज 70 मीटर की दूरी पर प्रगति इंडियन ऑयल का पेट्रोल पंप मौजूद है. ऐसे में आग अगर पेट्रोल पंप तक पहुंचती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी. समय रहते दमकल टीम और प्रशासन की कार्रवाई शुरू होने से एक बड़े हादसे की आशंका टल गई.
जानकारी के अनुसार, फलक इंडस्ट्रियल फ्यूल में मोबिल रिफाइनरी से जुड़ा काम किया जाता है. बुधवार को रोजाना की तरह प्यूरिफायर बॉयलर में काम चल रहा था. इसी दौरान अचानक भट्टी में आग लग गई. देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया. कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए तत्काल फैक्ट्री से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई.
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने कंपनी की गतिविधियों को लेकर कई सवाल उठाए हैं. किसानों का आरोप है कि फैक्ट्री से निकलने वाला दूषित पानी और कचरा आसपास के खेतों में जमा हो रहा है, जिससे खेती प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों का कहना है कि मुआवजे की मांग कई बार कंपनी प्रबंधन के सामने रखी गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरणीय प्रभाव की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं. कंपनी के मैनेजर सपन माईती ने बताया कि शुरुआती तौर पर ओवरहीटिंग के कारण भट्टी में मौजूद तेल ने आग पकड़ी होने की आशंका है. उन्होंने कहा कि हादसे से कंपनी को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है, हालांकि नुकसान का सटीक आकलन अभी नहीं हो पाया है.
रिपोर्ट:अरुण बारीक