जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): झारखंड में एक ऐसा डैम है जो सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि ओडिशा के किसानों के लिए भी वरदान साबित हो रहा है. यह डैम पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित है. गालूडीह के महुलिया स्थित बराज डैम स्वर्णरेखा नदी पर बना एक महत्वपूर्व जल परियोजना है. कई सालों से यह डैम झारखंड के अलावा ओड़िशा के हजारों किसानों के लिए वरदान बना हुआ है. डैम से निकली नहरों के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाया जाता है. इससे किसान अपने खेतों की सिंचाई करते है. इस डैम को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के अलावे जल संरक्षण और बाढ़ से नियंत्रण पाने के लिए बनाया गया था. गालूडीह बराज डैम जमशेदपुर से करीब 45 किमी दूर है. बराज डैम का निर्माण ओड़िशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के संयुक्त भागीदारी से किया गया है.
70 हजार हेक्टेयर में होती है सिंचाई
गालूडीह बराज डैम से ओड़िशा में करीब 70 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होती है. इसलिए यह डैम ओड़िशा के किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है. ओड़िशा के किसानों को जब पानी की जरूरत होती है तो बराज डैम का फाटक बंद कर पानी के स्तर को बढ़ाया जाता है. इसके बाद दाईं मुख्य नहर के सहारे पानी ओड़िशा में छोड़ दिया जाता है. ओड़िशा सरकार ने इस परियोजना में बड़ा निवेश किया है. झारखंड के घाटशिला और बहरागोड़ा होते हुए नहर का पानी ओड़िशा तक पहुंचता है. फिर शाखा नहरों से पानी गांव और खेत तक पहुंचता है. धान की खेती करने वाले किसान पर बराज डैम के पानी से अच्छा उत्पादन करते है.
पर्यटन स्थल के रूप में भी है पहचान
गालूडीह बराज डैम एक पर्यटन स्थल के रूप में भी जाना जाता है. पिकनिक के सीजन में यहां काफी भीड़ उमड़ी है. डैम की खूबसूरती लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है. मानसून के सीजन में डैम का दृश्य काफी मनमोहक होता है. यहां प्रवासी पक्षियों का भी मेला लगता है. ठंड के मौसम में काफी संख्या में प्रवासी पक्षियों को यहां देखा जाता है. जिसे देखने पर्यटक दूर - दूर से आते हैं. यहां पश्चिम बंगाल से पर्यटक सबसे अधिक आते है. ठंड के सीजन में यहां सबसे अधिक भीड़ उमड़ती है.
1990 में शुरू हुआ था बराज डैम
बराज डैम 1990 में शुरू हुआ था. 1980 से इसका निर्माण शुरू हुआ था. इस डैम में कुल 18 फाटक (गेट) है. जो आवश्यकता अनुसार खुलते और बंद होते है. डैम का उपयोग स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए किया जाता है. फिलहाल स्वर्णरेखा नदी में जलस्तर कम है. इसकी सभी फाटक बंद है. बरसात के समय में जब डैम के फाटक खुलते हैं तो इसकी दृश्य मनमोहक होता है. आसपास के लोगों के लिए यह प्रमुख पर्यटन स्थल है. बराज डैम को झारखंड का एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता है.