जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): शहर में एटीएम ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. ठग एटीएम केंद्रों में खुद को मददगार बताकर लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं. कुछ ही मिनटों में लोगों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर दे रहे हैं. ठगों के निशाने पर ऐसे लोग हैं जिन्हें एटीएम मशीनों के संचालन की पूरी जानकारी नहीं होती. ठग पहले एटीएम के भीतर या बाहर खड़े होकर लोगों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति पैसे निकालने में परेशानी महसूस करता है, वे मदद के लिए आगे बढ़ जाते हैं. बातचीत के दौरान चालाकी से एटीएम कार्ड बदल देना, पिन नंबर देख लेना या किसी बहाने कार्ड अपने हाथ में लेकर खाते से रकम निकाल लेना इनका आम तरीका बन गया है. पीड़ितों को ठगी का पता तब चलता है, जब उनके मोबाइल पर खाते से रकम निकासी का मैसेज आता है. लगातार घटनाओं के बावजूद ऐसे गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है. ठगी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. हाल ही में सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में रहने वाले कामता प्रसाद नामक व्यक्ति से इसी प्रकार की घटना हुई.
गार्ड गायब, शहर के एटीएम असुरक्षित
शहर के एटीएम केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण ठगी की घटनाएं हो रही है. शहर में 350 से अधिक एटीएम संचालित हैं, लेकिन इनमें से करीब 90 प्रतिशत एटीएम पर सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं हैं. इसका फायदा उठाकर ठग भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. हाल ही में एसबीआई बैंक द्वारा भी बड़ी संख्या में सुरक्षा कर्मियों को हटाए जाने के बाद स्थिति और चिंताजनक हो गई है. बैंक की ओर से करीब 140 सुरक्षा कर्मियों को हटाया गया है, जिससे कई एटीएम केंद्र पूरी तरह असुरक्षित हो गए हैं. गार्ड नहीं रहने के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ा है और ठगी की घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है. सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, एटीएम केंद्रों की हालत भी खराब होती जा रही है. कई जगहों पर एटीएम के गेट टूटे हुए हैं, परिसर में साफ-सफाई का अभाव है और निगरानी व्यवस्था भी कमजोर पड़ गई है. इसमें लगते सीसीटीवी कैमरे भी नाम मात्रा के रह गए हैं.
2 दिन पहले एसबीआई के एटीएम से हुई ठगी
2 दिन पहले ही एसबीआई एटीएम से एक व्यक्ति से ठगी हुई है. 30 मई को वे पीड़ित कामता प्रसाद सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के भालूबासा स्थित एसबीआई के एटीएम में पैसे निकालने गए थे. उनका एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया. जिसके बाद कार्ड वापस नहीं निकला. काफी प्रयास के बावजूद कार्ड नहीं निकलने पर वह परेशान हो गए. फिर एक व्यक्ति एटीएम में घुसा और उसे मदद करने की पेशकश की. मदद के बहाने ठग ने बातचीत के दौरान कार्ड का पिन नंबर पीड़ित से पूछ लिया. फिर कार्ड नहीं निकलने पर पीड़ित को बैंक जाकर शिकायत करने की सलाह दी. जिसके बाद पीड़ित बैंक पहुंचे, लेकिन इसी बीच ठग ने उनके खाते से 47,800 रुपये निकाल लिए. कुछ देर बाद मोबाइल पर निकासी का संदेश आने पर उन्हें ठगी का पता चला. इस मामले में सीतारामडेरा थाना में एक केस दर्ज किया गया है.
पहले भी कई लोग ठगे गए
12 अक्टूबर को मानगो में साजिद इकबाल नामक व्यक्ति से 2 लाख की ठगी. कार्ड मशीन में फंसा और पैसे निकल गया. 4 दिसंबर को मानगो के मोती महल के पास स्थित एटीएम से पैसे निकालने गई थी. उनसे 35 हजार ठगी हुई. शहर में और भी कई लोगों से ठगी की ऐसी घटनाएं हुई है. हालांकि पुलिस भी ऐसे ठगी करने वालों पर कार्रवाई कर रही है. हाल ही में मानगो पुलिस ने गोपाल कुमार नामक बदमाश को पकड़ा था. वह लोगों से मदद के नाम पर ठगी करता था.उसपर साइबर थाना में कई मामले दर्ज थे. पुलिस की कार्रवाई के बाद भी ठगी की घटनाएं हो रही है, जो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है.