पहले एनकाउंटर, अब सरेंडर की कतार: 6 महीने में ऐसे कमजोर हुआ एक करोड़ का इनामी मिसिर

पहले एनकाउंटर, अब सरेंडर की कतार: 6 महीने में ऐसे कमजोर हुआ एक करोड़ का इनामी मिसिर

जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): झारखंड का पश्चिम सिंहभूम जिला अब नक्सल मुक्त होने के कगार पर है. सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान के जंगलों में आतंक मचाने वाला एक करोड़ का इनामी नक्सली मिसिर बेसरा और उसका दस्ता अब पूरी तरह से कमजोर हो गया है. दस्ते के नक्सलियों के एनकाउंटर होने और दस्ते के नक्सलियों के सरेंडर की कतार लगने से मिसिर बेसरा की कमर पूरी तरह से टूट चुकी है. पिछले 6 महीने में मिसिर बेसरा के दस्ते की पूरी तस्वीर ही बदल गई है. कभी उसके साथ एक करोड़ का इनामी नक्सली  असीम मंडल, 2.35 करोड़ का इनामी अनल दा उर्फ पतिराम मांझी जैसे कुख्यात नक्सलियों की पूरी सेना थी. लेकिन पश्चिम सिंहभूम के जंगलों में सुरक्षाबलों की लगातार दबिश के कारण मिसिर बेसरा का दस्ता बिखरता गया. कई नक्सली एनकाउंटर में मारे गए तो कई ने सरेंडर कर दिया. असीम मंडल समेत कई नक्सली उसका साथ छोड़ दूसरे जगह भाग गए. अब मिसिर बेसरा के बॉडीगार्ड शनिचरवा समेत दस्ते के 14 नक्सलियों के एक बार फिर सरेंडर करने से मिसिर अब पूरी तरह कमजोर पड़ गया है. हालांकि मिसिर बेसरा अब भी पुलिस और सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बना हुआ है. वह पोड़ाहाट के जंगलों में 15 लाख का इनामी नक्सली वीरेंद्र हांसदा और मेहनत उर्फ मोछू समेत इक्का दुक्का नक्सलियों के साथ छिपे होने की सूचना है.

6 महीने में ऐसे बदली दस्ते की तस्वीर

अनल दा समेत 17 नक्सलियों का एनकाउंटर
मिसिर बेसरा के दस्ते के 17 नक्सलियों का सुरक्षाबलों ने सारंडा के जंगल में जनवरी माह में एनकाउंटर किया था. इसमें 2.35 करोड़ का इनामी नक्सली अनल दा उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल था. 22 जनवरी को सारंडा के जंगलों में सुरक्षा बल और नक्सलियों की मुठभेड़ हुई थी. इसमें अनल दा समेत अनमोल उर्फ सुशांत, समीर सोरेन, पिंटू लोहारा, लालजीत उर्फ लालू, पूर्णिमा गोप, सोमवारी पूर्ति, राजेश मुंडा समेत 15 नक्सली एनकाउंट में मारे गए थे. अनल दा के एनकाउंटर के बाद से मिसिर बेसरा की उल्टी गिनती शुरू हो गई. वहीं, 29 अप्रैल को नक्सली इसराइल पूर्ति भी मारा गया.

मई में मिसिर दस्ते के 25 ने किया था सरेंडर
वहीं, इसी साल मई महीने में मिसिर बेसरा के दस्ते के 25 नक्सलियों ने सरेंडर किया था. सभी 25 नक्सली कोल्हान में सक्रिय थे और मिसिर बेसरा के लिए काम कर रहे थे. 25 लाख के इनामी नक्सली सागेन अंगरिया, गांदी मुंडा, नागेंद्र मुंडा, रेखा मुंडा, सुलेमान हांसदा समेत कई हार्डकोर नक्सलियों ने सरेंडर किया था. 16 हथियार और 2,857 गोलियां भी पुलिस के हवाले की थीं. दस्ते के 25 नक्सलियों के एक साथ सरेंडर करने से मिसिर बेसरा बिखरने लगा. दस्ते में बचे कई नक्सली असीम मंडल, सचिन आदि ने सारंडा छोड़ दिया. मिसिर और उसके दस्ते के सक्रियता एकदम घट गई. 

अब समाप्ति की ओर मिसिर 
मंगलवार (28 जुलाई) को मिसिर बेसरा के दस्ते के 14 नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. इसमें मिसिर का बॉडीगार्ड शनिचरवा समेत मिसिर दस्ते के संतोष उर्फ बासुदेव, चंदन लोहारा समेत 14 कुख्यात नक्सली थे. मंगलवार को कुल 16 नक्सलियों ने सरेंडर किया जिसमें 14 नक्सली मिसिर बेसरा से जुड़े थे. पिछले 3 महीने में मिसिर बेसरा के दस्ते के 39 नक्सलियों ने सरेंडर किया जबकि 18 नक्सली एनकाउंटर में मारे गए. ऐसे मिसिर बेसरा अब पूरी तरह कमजोर होता दिख रहा है. अब देखना है कि मिसिर बेसरा सरेंडर करता है या एनकाउंटर में मारा जाता है. फिलहाल सुरक्षाबलों की घेराबंदी के कारण वह पोड़ाहाट जंगल से भाग नहीं पा रहा है.