जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): कोल्हान में जंगली हाथियों के कारण लोगों को काफी नुकसान हो रहा है. हाथी कभी खेतों को नष्ट कर रहे हैं तो कभी घरों को भोजन की तलाश में तोड़ रहे हैं. इतना ही नहीं हाथियों का दल कभी मुख्य सड़कों पर तो कभी रेलवे ट्रैक पर आ जा रहा है. इससे सड़कों पर आवागमन और ट्रेनों का परिचालन बाधित हो रहा है. हाथी रेलवे फाटक भी तोड़ रहे हैं. हाथियों का दल रोज नई जगह पर दिख रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. कोल्हान तीनों जिला पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिम सिंहभूम जिले के 200 से अधिक गांव में जंगली हाथियों का उत्पादन देखा जा रहा है. कई गांवों में हाथियों के कारण कर्फ्यू जैसे हालात है. हाथियों के कारण लोग दिन में भी अपने घरों से निकलने से कतरा रहे हैं. लोगों का कहना है कि वन विभाग हाथियों से उन्हें सुरखा नहीं दे पा रहा है. हाथियों के कारण ग्रामीणों को काफी नुकसान हो रहा है. इधर, कई जगहों पर हाथियों के साथ लोगों को खिलवाड़ करते देखा जा रहा है. लोग हाथियों पर गुलेल और पत्थर चला रहे है. इसके कई वीडियो सामान आए है.
धान के बिचड़े रौंद रहे हाथी
किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. मानसून में बारिश की कमी के कारण धान रोपनी में विलंब हुआ और अब जब किसानों ने धान रोपनी का कार्य शुरू किया तो हाथी धान के बिचड़े रौंद रहे हैं. चांडिल, चाकुलिया, चाइबासा समेत अन्य जगहों पर हाथियों ने भारी मात्रा में धान के बिचड़े रौंद डाले है. इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है. किसानों का कहना है कि गांव आने जाने के क्रम में हाथियों का दल खेत में घुस रहा है और धान के बिचड़े रौंद रहा है. इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है.

चाकुलिया के जमुआ में 40 से अधिक हाथी जमे
पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया वन क्षेत्र स्थित जमुआ पंचायत में हाथियों का आतंक इतना बढ़ गया है कि इस पंचायत के कई गांव में शाम होते ही कर्फ्यू लग जाता है. जमुआ - राजबासा मार्ग पर आवाजाही लगभग बंद हो गई है. क्योंकि जब तब हाथी इस मार्ग पर आ जाते है. इस क्षेत्र में 40 से अधिक हाथियों ने डेरा डाल रखा है. दिन में भी हाथी यहां गांवों में घुस रहे है. यहां हाथी बांस की फसल को काफी नुकसान पहुंचा रहे है. हाथियों का आतंक यहां इतना बढ़ा है कि लोगों को आने जाने के लिए वन विभाग की क्विक रिस्पॉन्स टीम का सहारा लेना पड़ रहा है. क्यूआरटी की टीम को यहां तैनात किया गया है. हाथी फसलों को तो नुकसान पहुंचा ही रहे हैं, इसके अलावा घरों को भी हाथी नुकसान पहुंचा रहे है.
चांडिल में तीन घरों को तोड़ा
सराइकेला खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र में भी जंगली हाथियों का काफी आतंक है. शनिवार की देर रात हाथी चांडिल के पियालडीह में गांव में घुस आए. भोजन की तलाश में गांव निवासी सनातन माझी समेत 3 लोगों का घर तोड़ दिया. गांव के लोग मशाल लेकर जुटे और हाथी को भगाया. चांडिल के कई गांवों में हाथियों का आतंक है. हाथी यहां घरों को काफी नुकसान पहुंचा रहे है. इसके अलावा खेत भी हाथी नष्ट कर रहे हैं. चांडिल डैम में भी हाथियों को आवाजाही करते देखा जा रहा है.

