जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): गजराज परेशानी में हैं. वन विभाग भले ही हाथियों के लिए जंगल में भोजन और पानी की व्यवस्था करने का दावा कर रहा है, लेकिन भोजन पानी की तलाश में हाथियों की लगातार बढ़ी गतिविधियों के कारण वन विभाग का दावा फेल होता दिख रहा है. भीषण गर्मी में पानी की कमी के कारण हाथी बाजार क्षेत्र तक पहुंच जा रहे है. जबकि भोजन की तलाश में हाथी लगातार घरों और सरकारी स्कूलों को अपना निशाना बना रहे है. भोजन-पानी की तलाश में जंगली हाथी जंगलों से बाहर निकल रहे और गवा-बाजार में उत्पात मचा रहे है. ऐसा ही एक नजारा मंगलवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया बाजार क्षेत्र में देखने को मिला. जब एक जंगली हाथी पानी की तलाश में चाकुलिया स्थित वन विभाग के कार्यालय तक पहुंच गया. यहां स्थित एक कुआं के पास हाथी खड़ा हो गया.
पानी के लिए वह काफी देर तक यहां खड़ा रहा. वन विभाग के कर्मियों के अलावा स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई. कुछ देर बाद वनकर्मियों ने बोरिंग चलाया और हाथी को पाइप के सहारे पानी पिलाया. पानी पीने के बाद हाथी वापस चला गया. यह नजारा देख ऐसा लग रहा था जैसे हाथी वन विभाग से कहने आया हो कि जंगल में पानी की व्यवस्था की जाए. चाकुलिया वन विभाग के कार्यालय से सटे गौशाला में हाथियों का एक दल डेरा डाले हुए है. यही से एक हाथी मंगलवार की दोपहर वन विभाग के कार्यालय में पानी के लिए पहुंचा. पानी पीने के बाद हाथी वापस गौशाला की ओर चला गया.
एक दर्जन से अधिक घर तोड़े
इधर, सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल के ईचागढ़ प्रखंड में पिछले एक सप्ताह में हाथियों ने भोजन के लिए एक दर्जन से अधिक घर तोड़ डाले है. सबसे अधिक नुकसान कालीचामदा गांव में पहुंचाया है. यहां हाथियों ने करीब 10 घर तोड़ दिए है. इसके अलावा दियाडीह, दुलमिडीह, रहडादीह, सितु आदि गांव में हाथियों ने घर तोड़े है. यहां 30 से अधिक हाथी अलग-अलग जगहों में घूम रहे है. घर तोड़ने के बाद हाथी घर में रखा अनाज भी खा जा रहे है. इससे किसानों को दोहरा नुकसान हो रहा है. भोजन की तलाश में हाथियों का घरों पर हमला लगातार जारी है. रोज किसी ना किसी गांव में हाथी घर तोड़ रहे है.


