जमशेदपुर: ढलाई के चंद दिनों बाद सड़क पर दिखीं दरारें, गुणवत्ता पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, जांच की मांग
पोटका में कुलडीहा मुख्य सड़क से राखा माइंस रेलवे स्टेशन तक बन रही करीब 420 मीटर लंबी PCC सड़क की गुणवत्ता पर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि ढलाई के तीन-चार दिन बाद ही कई जगह दरारें दिखने लगी हैं और सड़क की मोटाई भी एक समान नहीं है. कांग्रेस ने निर्माण कार्य की विभागीय जांच की मांग की है.
जमशेदपुर(JAMSEDPUR): करीब 30 किलोमीटर दूर पोटका में बन रही PCC सड़क की गुणवत्ता को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए हैं. कांग्रेस का आरोप है कि सड़क की ढलाई हुए अभी तीन से चार दिन ही हुए हैं और कई जगहों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं. इतना ही नहीं, कुछ जगह सड़क से गिट्टी भी बाहर नजर आ रही है. इसे लेकर कांग्रेस नेताओं ने निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है.
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कुलडीहा मुख्य सड़क से राखा माइंस रेलवे स्टेशन तक करीब 420 मीटर लंबी पीसीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. सड़क निर्माण की शिकायत मिलने के बाद कांग्रेस जिला सचिव जयराम हांसदा के नेतृत्व में सुबोध सिंह सरदार और गोविंदा महली मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य का जायजा लिया.
कांग्रेस नेताओं ने सड़क के अलग-अलग हिस्सों को देखा और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल उठाए.
कहीं चार तो कहीं आठ इंच ढलाई का आरोप
जयराम हांसदा ने आरोप लगाया कि सड़क बनने के कुछ दिनों के अंदर ही कई जगहों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं. कुछ हिस्सों में गिट्टी भी बाहर निकल रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि सड़क की सतह से सीमेंट का डस्ट उड़ रहा है. इसे लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि सड़क बनाने में सही मात्रा और अच्छी गुणवत्ता वाले सीमेंट का इस्तेमाल किया गया है या नहीं.
कांग्रेस नेताओं ने सड़क की मोटाई को लेकर भी सवाल खड़े किए. उनका आरोप है कि पीसीसी ढलाई सभी जगह एक जैसी नहीं है. कहीं सड़क की मोटाई करीब चार इंच दिखाई दे रही है तो कहीं छह और कहीं आठ इंच तक है.
जयराम हांसदा ने कहा कि विभाग को साफ करना चाहिए कि इस सड़क के लिए जो प्राक्कलन मंजूर किया गया है, उसमें पीसीसी ढलाई की मोटाई कितनी तय है. अगर तय मानक के हिसाब से काम नहीं हुआ है तो इसकी जांच होनी चाहिए.
जांच के बाद कार्रवाई की मांग
कांग्रेस नेताओं ने पूरे सड़क निर्माण की विभागीय जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जांच में अगर निर्माण में गड़बड़ी या तय मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित लोगों की जिम्मेदारी तय की जाए.
उन्होंने मांग की कि दोषी पाए जाने पर सड़क का निर्माण कर रही श्रेया कंस्ट्रक्शन के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे इस मामले को मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के सामने भी रखेंगे और सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग करेंगे.
फिलहाल कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर निर्माण एजेंसी या संबंधित विभाग का पक्ष सामने नहीं आया है.
रिपोर्ट - रंजीत कुमार ओझा