जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया का कहर जारी, 14 दिनों में 1 हजार से ज्यादा संक्रमित, 5 की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया का कहर जारी, 14 दिनों में 1 हजार से ज्यादा संक्रमित, 5 की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

जमशेदपुर(JAMSHEDPUR):पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया और ब्रेन मलेरिया का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. बीते 14 दिनों में जिलेभर में चलाए गए विशेष जांच अभियान के दौरान 93 हजार से अधिक लोगों की जांच की गई, जिसमें 1,441 लोग मलेरिया से संक्रमित पाए गए.बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में जांच, उपचार और रोकथाम अभियान तेज कर दिया है.ब्रेन मलेरिया से पोटका प्रखंड में पांच बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाया है.लापरवाही के आरोप में 12 चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

ब्रेन मलेरिया को लेकर स्वस्थ विभाग हुआ अलर्ट

 वहीं, चार दिन पहले पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रजनी कुमार महाकुड़ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था.स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में सबसे अधिक संक्रमित मरीज पोटका प्रखंड से मिले है. इसके अलावा डुमरिया, मुसाबनी, घाटशिला और पटमदा प्रखंडों में भी मलेरिया के मामले सामने आए है. प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार कैंप लगाकर लोगों की जांच कर रही है. संक्रमित मरीजों को तत्काल दवा उपलब्ध कराई जा रही है और स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को जागरूक भी कर रहे है.

पढ़िये पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन ने क्या कहा

पूर्वी सिंहभूम के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पोल ने बताया कि सभी संक्रमित मरीजों का इलाज एमजीएम अस्पताल, परसुडीह सदर अस्पताल समेत जिले के विभिन्न सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में किया जा रहा है.उन्होंने बताया कि संक्रमण पर जल्द नियंत्रण पाने के लिए प्रभावित इलाकों में घर-घर जांच, दवा वितरण, फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण और जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है.

जिसको भी दिखे ये लक्षण डॉक्टर के पास जाएं

सिविल सर्जन ने लोगों से अपील की है कि यदि बुखार, ठंड लगना या मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं. साथ ही रात में मच्छरदानी का उपयोग करें, घर और आसपास पानी जमा न होने दें तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके.स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त चिकित्सा टीमों की तैनाती की गई है, ताकि संक्रमण को जल्द से जल्द नियंत्रित किया जा सके.