जमशेदपुर (JAMSHEDPUR): 15 लाख का इनामी नक्सली मदन महतो, 5 लाख का इमामी सागर सिंह उर्फ वीरेन और उसकी पत्नी 2 लाख की इनामी मीना पहाड़िया की गिरफ्तारी के बाद 1 करोड़ का इनामी नक्सली असीम मंडल उर्फ आकाश अब पूरी तरह घिर चुका है. वह दलमा और घाटशिला के जंगलों में अपने कुछ साथियों के साथ पूरी तरह छिपा फिर रहा है. गिरफ्तार तीन नक्सलियों के पूछताछ के आधार पर पुलिस और सुरक्षाबल असीम की गिरफ्तारी के लिए सर्च अभियान तेज कर दिया है. दलमा और घाटशिला के जंगल को सुरक्षाबलों ने पूरी तरह घेर रखा है. घेराबंदी के कारण असीम भाग नहीं पा रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि सुरकबलों को सफलता मिल सकती है.
इधर, गिरफ्तार तीन नक्सलियों ने पूछताछ में पुलिस के समक्ष कई खुलासे किए है. सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार नक्सलियों के बताया है कि असीम मंडल फिर से अपनी पकड़ इस क्षेत्र में बनाना चाह रहा था. असीम के साथ इनामी नक्सली सचिन भी वापस लौट था. सारंडा में पुलिस की दबिश के बाद असीम मंडल उर्फ आकाश पूर्वी सिंहभूम जिला और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाके में भाग आया था. संगठन को खड़ा करने के लिए कारोबारियों से लेवी की मांग भी नक्सलियों द्वारा की जा रही थी.
दो गुटों में बंट गए थे नक्सली
दलमा के जंगलों के अलावा पूर्वी सिंहभूम जिले के बोड़ाम, पटमदा, घाटशिला और गालूडीह क्षेत्र में नक्सली दोबारा सक्रिय हुए थे. लगातार लेवी मांगने के शिकायतों के बाद सुरक्षाबलों ने जंगलों में सर्च अभियान तेज कर दिया था. पुलिस की दबिश के कारण यहां नक्सली दो गुटों में बंट गया था. एक गुट को असीम मंडल लीड कर रहा था और वह अपने गुट के साथ घाटशिला के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय था. जबकि एक गुट को गिरफ्तार नक्सली मदन महतो लीड कर रहा था और वह अपने गुट के नक्सलियों के साथ दलमा के जंगलों में सक्रिय था. लेकिन सुरक्षाबलों ने रविवार को मदन महतो के साथ उसके 2 साथियों को गिरफ्तार कर लिया. इन नक्सलियों ने पूछताछ में असीम मंडल के बारे में कई अहम जानकारी दी है. जिसके आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है.
कमजोर हुआ असीम
कूख्यात और शीर्ष नक्सली नेता असीम मंडल उर्फ आकाश अब पूरी तरह कमजोर हो गया है. वह 4 से 5 नक्सलियों के साथ दलमा और घाटशिला के जंगलों में भागा फिर रहा है. जानकारी हो कि पुलिस नक्सलियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. या तो नक्सली सरेंडर कर रहे हैं या उनकी गिरफ्तारी हो रही है. हाल की में असीम के दस्ते के कई नक्सलियों ने सरेंडर किया या गिरफ्तार हुए. असीम के अबसे बड़े सहयोगी और साथी मिसिर बेसरा भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया. ऐसे में राज्य में अब नक्सली संगठन समाप्त होता दिख रहा है. मिसिर बेसरा के बाद असीम मंडल को राज्य का दूसरा सबसे बड़ा नक्सली माना जाता है. नक्सली असीम भी अब पूरी तरह घिर चुका है. सुरक्षाबलों को कभी भी सफलता मिल सकती है.

