2 करोड़ कर्ज की EMI चुकाने के लिए अनुष्का चक्रवर्ती को किया जाता था प्रताड़ित? अधिवक्ता मौत मामले में बड़ा खुलासा

अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत की जांच में अब कथित कर्ज और व्यावसायिक वाहनों से जुड़े मामले की पड़ताल तेज हो गई है. मृतका के परिजनों ने करीब दो करोड़ रुपये के ऋण और 55 व्यावसायिक गाड़ियों से जुड़े नेटवर्क का दावा किया है. अनुष्का के भाई देवजीत चक्रवर्ती ने ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं.

2 करोड़ कर्ज की EMI चुकाने के लिए अनुष्का चक्रवर्ती को किया जाता था प्रताड़ित? अधिवक्ता मौत मामले में बड़ा खुलासा

हजारीबाग (HAZARIBAGH): अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध मौत की जांच में अब कथित कर्ज और व्यावसायिक वाहनों से जुड़े मामले की पड़ताल तेज हो गई है. मृतका के परिजनों ने करीब दो करोड़ रुपये के ऋण और 55 व्यावसायिक गाड़ियों से जुड़े नेटवर्क का दावा किया है. अनुष्का के भाई देवजीत चक्रवर्ती ने ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं. वहीं, घटना के बाद पति कौशिक रुद्र समेत ससुराल के कुछ सदस्यों  के फरार होने की बात सामने आई है. पुलिस मौत की परिस्थितियों के साथ-साथ ऋण, गाड़ियों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है.

देवजीत चक्रवर्ती के मुताबिक, अनुष्का के नाम पर अलग-अलग फाइनेंसिंग कंपनियों से बड़ी रकम का ऋण लिया गया था. परिजनों का आरोप है कि इस पैसे से 16 चक्के वाले चार ट्रिपर वाहन खरीदे गए, जिनकी कुल बाजार कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है. इसके अलावा, परिवार ने लगभग 55 व्यावसायिक गाड़ियों से जुड़े बड़े कारोबार का भी दावा किया है. परिजनों का कहना है कि कर्ज की रकम और उसकी किस्तों को लेकर अनुष्का पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था. उनके मुताबिक, आर्थिक लेन-देन को लेकर परिवार में तनाव बना हुआ था. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और ऋण से जुड़े वास्तविक तथ्यों का सामने आना अभी बाकी है.

अनुष्का की मौत के बाद उनके पति कौशिक रुद्र समेत ससुराल पक्ष के कुछ सदस्य फिलहाल फरार हैं. ऐसे में पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है. इस बीच, जांच एजेंसी वित्तीय दस्तावेजों, ऋण से संबंधित रिकॉर्ड और व्यावसायिक वाहनों के कागजात की पड़ताल में जुटी है.

बड़े बाजार थाना प्रभारी मुकेश कुमार रजक के अनुसार, पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अनुष्का के नाम पर कितना ऋण लिया गया था, उसकी राशि का इस्तेमाल कहां किया गया और संबंधित लेन-देन की वास्तविक स्थिति क्या है. जांच में यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है कि आर्थिक गतिविधियों और अनुष्का की मौत के बीच कोई संबंध है या नहीं. ऐसे में अनुष्का की संदिग्ध मौत के मामले में अब आर्थिक दबाव का पहलू भी जांच के दायरे में है. परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस के सामने यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण हो गया है कि कर्ज की वास्तविक जिम्मेदारी किसकी थी और कथित 55 गाड़ियों के कारोबार का वित्तीय ढांचा क्या था.

फिलहाल, पुलिस की जांच के निष्कर्ष सामने आने बाकी हैं. ऋण से जुड़े दस्तावेजों, वाहनों के स्वामित्व और वित्तीय लेन-देन की जांच के बाद ही मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी. साथ ही, मौत की परिस्थितियों और आर्थिक दबाव के बीच किसी संभावित संबंध की पुष्टि भी जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी.