नारी सम्मान की मिसाल पेश कर रही ‘अवसर’ संस्था, सचिव विकास कृष्ण गहलोत की पहल को अतिथियों ने सराहा
नारी का सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार और सामाजिक सोच में भी दिखाई देना चाहिए. इसी भावना को साकार करने की दिशा में ‘अवसर’ संस्था लगातार प्रयासरत है.
हजारीबाग (HAZARIBAGH): नारी का सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि व्यवहार और सामाजिक सोच में भी दिखाई देना चाहिए. इसी भावना को साकार करने की दिशा में ‘अवसर’ संस्था लगातार प्रयासरत है. संस्था के सचिव विकास कृष्ण गहलोत के नेतृत्व में चल रहा नारी सम्मान अभियान महिलाओं के त्याग, संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों को पहचान दिलाने का एक सराहनीय प्रयास है. वर्ष 2014 से जारी इस अभियान के माध्यम से महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया जा रहा है. संस्था की ओर से 1,001 महिलाओं को सम्मानित करने की पहल इस संकल्प को और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
अतिथियों ने की पहल की सराहना
इस अभियान को लेकर उदय भाई, नारायण सिंह, दीपक वर्मा, जेपी जैन और विनय कुमार ने अपने विचार रखते हुए नारी सम्मान के महत्व पर जोर दिया. उदय भाई ने कहा कि महिलाओं का सम्मान हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी है. ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक होते हैं. नारायण सिंह ने कहा कि महिलाओं के योगदान को पहचानना और उन्हें सम्मान देना एक बेहतर समाज के निर्माण की दिशा में जरूरी कदम है. वही दीपक वर्मा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण तभी सार्थक होगा, जब महिलाओं को सम्मान के साथ आगे बढ़ने के समान अवसर भी मिलेंगे. जेपी जैन ने कहा कि नारी के प्रति आदर और समानता की भावना प्रत्येक परिवार और समाज में मजबूत होनी चाहिए. विनय कुमार ने कहा कि सामाजिक बदलाव के लिए ऐसे प्रयास जरूरी हैं, जो लोगों को महिलाओं के अधिकारों, आत्मसम्मान और उपलब्धियों के प्रति जागरूक करें.
सम्मान नहीं, समाज की सोच बदलने का अभियान
‘अवसर’ संस्था का यह अभियान इस संदेश को मजबूत करता है कि महिलाओं का सम्मान केवल किसी समारोह तक सीमित नहीं रहना चाहिए. बेटियों को शिक्षा, महिलाओं को सुरक्षा, आत्मनिर्भरता के अवसर और उनके विचारों को उचित महत्व देना भी नारी सम्मान के अभिन्न अंग हैं. संस्था के सचिव विकास कृष्ण गहलोत की इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के प्रति सकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना और उनके योगदान को उचित पहचान दिलाना है. 1,001 महिलाओं को सम्मानित करने का संकल्प इसी दिशा में एक प्रेरणादायी प्रयास है. नारी का सम्मान, समाज का अभिमान है. जब महिलाओं को समान अधिकार, सम्मान और अवसर मिलेंगे, तभी एक सशक्त, संवेदनशील और विकसित समाज का निर्माण संभव होगा. ‘अवसर’ संस्था का यह अभियान इसी उम्मीद के साथ नारी सम्मान की अलख जगाने का संदेश दे रहा है.
रिपोर्ट- शेखर सिंह