हजारीबाग में जमीन विवाद पर प्रदीप प्रसाद और योगेंद्र साव आमने-सामने, जमीन घोटाले का मुद्दा गरमाया

जमीन विवाद को लेकर सदर के वर्तमान भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद और बड़कागांव के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है

हजारीबाग में जमीन विवाद पर प्रदीप प्रसाद और योगेंद्र साव आमने-सामने, जमीन घोटाले का मुद्दा गरमाया

हजारीबाग (HAZARIBAGH): जिले में जमीन विवाद को लेकर सदर के वर्तमान भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद और बड़कागांव के पूर्व विधायक एवं पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. एक ओर विधायक प्रदीप प्रसाद ने बिना नाम लिए योगेंद्र साव पर निशाना साधा, तो दूसरी ओर योगेंद्र साव ने भी पलटवार करते हुए जमीन घोटाले और शहर के विकास से जुड़े सवाल उठाए हैं. दोनों नेताओं के बयानों के बाद जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है.

विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने बयान में कहा था कि इस बीमारी को भगाना होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने पद और रुतबे का इस्तेमाल कर दूसरों को परेशान करते हैं और जमीन हड़पने का काम करते हैं. उन्होंने संबंधित व्यक्ति को ‘बिन पेंदी का लोटा’ बताते हुए कहा कि ऐसे लोग अपने फायदे के लिए किसी भी तरफ जा सकते हैं.

प्रदीप प्रसाद के इन आरोपों पर योगेंद्र साव ने जवाब देते हुए उन पर ही गंभीर आरोप लगाए. योगेंद्र साव ने कहा कि फर्जी हुकुमनामा बनाकर पूरे हजारीबाग को बेचने का काम प्रदीप प्रसाद ने किया है. उन्होंने वन भूमि घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में किसका नाम है और कहां जांच चल रही है, यह पूरा हजारीबाग जानता है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जमीन घोटाले के मामलों के कारण प्रदीप प्रसाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रडार पर हैं.

योगेंद्र साव ने कहा कि प्रदीप प्रसाद ने जितने भी जमीन घोटाले किए हैं, आने वाले समय में वे उन सभी मामलों की पोल खोलेंगे. उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में प्रदीप प्रसाद की जमानत जब्त हो जाएगी. साव ने कहा कि पिछली बार वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव जीत गए, लेकिन अगली बार ऐसा नहीं होगा.

वहीं, योगेंद्र साव ने हजारीबाग शहर की खराब सड़कों और विकास कार्यों को लेकर भी विधायक प्रदीप प्रसाद से सवाल पूछे. दूसरी ओर, प्रदीप प्रसाद के उस बयान पर भी उन्होंने पलटवार किया, जिसमें विधायक ने कहा था कि योगेंद्र साव न एक नंबर के आदमी हैं, न दो नंबर के और न तीन नंबर के. इसके जवाब में योगेंद्र साव ने कहा, “योगेंद्र साव नंबर वन था, नंबर वन है और नंबर वन ही रहेगा.” फिलहाल, जमीन विवाद से शुरू हुई यह जुबानी जंग अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और विकास के मुद्दों तक पहुंच गई है. दोनों नेताओं के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में क्या रूप लेता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं.

रिपोर्ट- शेखर सिंह