हजारीबाग (HAZARIBAGH): जिले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत करसो पुल के समीप हुई युवक की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने महज दो दिनों के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस अधीक्षक अमन कुमार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप इस हत्याकांड में शामिल दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार आरोपितों ने न केवल हत्या की इस खौफनाक वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है, बल्कि पुलिस पूछताछ के दौरान कई अन्य लूट और चोरी की घटनाओं में भी शामिल होने की बात कबूल की है. पुलिस को उम्मीद है कि इन शातिर अपराधियों की गिरफ्तारी से इलाके के कई अन्य लंबित मामलों को सुलझाने में भी बड़ी मदद मिलेगी.
घटना के संबंध में दर्ज जानकारी के अनुसार, बीती 8 जून की शाम हजारीबाग के ओमनी मोहल्ला निवासी विक्की कुमार सोनी अपने एक मित्र के साथ कोडरमा की ओर जा रहे थे. बताया जा रहा है कि वह केदारनाथ यात्रा पर निकलने की तैयारी में थे, तभी करसो पुल के समीप पहले से घात लगाए बैठे अपराधियों ने उन्हें अपना निशाना बनाया और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी. इस वारदात के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए थे, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी. एसआईटी ने घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर छापेमारी कर बिहार के नवादा निवासी विक्रम कुमार और गया निवासी दिलीप कुमार को गिरफ्तार किया है.पुलिस ने अपराधियों की निशानदेही पर मृतक की ग्रे रंग की हुंडई कार ($JH02AE-0232$) और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
जानकारी के अनुसार, पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए दोनों आरोपी पेशेवर अपराधी हैं और इनका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. अपराधियों के पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन के जरिए पुलिस उनके पूरे नेटवर्क और गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने में जुटी है. इस त्वरित और सफल उद्भेदन अभियान में बरही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राधाप्रेम किशोर, थाना प्रभारी बिनोद कुमार सहित तकनीकी शाखा के अधिकारियों ने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में आगे की कानूनी तफ्तीश लगातार जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े कुछ अन्य चौंकाने वाले तथ्यों का भी खुलासा किया जाएगा.


