हजारीबाग: आवासीय बालिका बैडमिंटन प्रशिक्षण केंद्र शुरू, 25 खिलाड़ियों को मिलेगी ट्रेनिंग और रहने की सुविधा

हजारीबाग के कर्जन ग्राउंड स्थित आवासीय बालिका खेल प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया. राज्य के अलग-अलग जिलों की किशोरियां रहकर बैडमिंटन का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी. 10 से 14 वर्ष की 25 चयनित बालिका खिलाड़ियों को आवासीय सुविधा के साथ प्रशिक्षण दिया जाएगा.

हजारीबाग: आवासीय बालिका बैडमिंटन प्रशिक्षण केंद्र शुरू, 25 खिलाड़ियों को मिलेगी ट्रेनिंग और रहने की सुविधा

हजारीबाग (HAZARIBAGH): हजारीबाग के कर्जन ग्राउंड स्थित आवासीय बालिका खेल प्रशिक्षण केंद्र का शुभारंभ किया गया. खेलकूद एवं युवा कार्य निदेशालय के निर्देश पर आयोजित उद्घाटन समारोह में उपायुक्त हेमंत सती ने केंद्र का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि यहां हजारीबाग समेत राज्य के अलग-अलग जिलों की किशोरियां रहकर बैडमिंटन का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी. विभागीय नियमानुसार 10 से 14 वर्ष की 25 चयनित बालिका खिलाड़ियों को आवासीय सुविधा के साथ प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस केंद्र के शुरू होने से ग्रामीण और प्रतिभाशाली बालिका खिलाड़ियों को अपनी खेल प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा. खिलाड़ियों का कहना है कि अब उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास की सुविधा मिलेगी. उनका लक्ष्य राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर हजारीबाग और झारखंड का नाम रोशन करना है.

खेलकूद एवं युवा कार्य निदेशालय के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती ने प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र का उद्देश्य बालिका खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर उनकी खेल प्रतिभा को निखारना है. यहां हजारीबाग के अलावा झारखंड के अन्य जिलों की लड़कियां भी रहकर प्रशिक्षण ले सकेंगी. इन खिलाड़ियों को आवासीय सुविधा के साथ बैडमिंटन की ट्रेनिंग दी जाएगी. इससे खासकर ग्रामीण इलाकों की उन प्रतिभाशाली लड़कियों को फायदा होगा, जिन्हें अब तक बेहतर प्रशिक्षण और अभ्यास के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था.

राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का सपना

प्रशिक्षण केंद्र शुरू होने से खिलाड़ियों में भी खुशी है. उनका कहना है कि अब उन्हें बेहतर माहौल में नियमित अभ्यास करने और अपनी कमजोरियों को दूर करने का मौका मिलेगा. खिलाड़ियों को उम्मीद है कि यहां मिलने वाली ट्रेनिंग से उनका खेल बेहतर होगा और वे बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार कर सकेंगी. खिलाड़ियों का लक्ष्य राज्य और राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर बेहतर प्रदर्शन करना है. वे अपने खेल के दम पर हजारीबाग के साथ पूरे झारखंड का नाम रोशन करना चाहती हैं.

रिपोर्ट- शेखर सिंह