हजारीबाग: खासमहल की 50 डिसमिल जमीन फिर विवादों में, जेसीबी से तोड़फोड़ और अतिक्रमण का लगा आरोप

हजारीबाग जिले के बड़ाबाजार थाना क्षेत्र के कैंटोनमेंट मौजा स्थित खासमहल की 50 डिसमिल जमीन एक बार फिर विवादों में है. पहले जमीन पर एक खंडहरनुमा पुराना भवन था और बाउंड्री वॉल भी नहीं थी. आरोप है कि अब वहां बड़ी बाउंड्री वॉल बना दी गई है और अंदर मौजूद पुराने भवन को जेसीबी से तोड़ दिया गया है.

हजारीबाग: खासमहल की 50 डिसमिल जमीन फिर विवादों में, जेसीबी से तोड़फोड़ और अतिक्रमण का लगा आरोप

हजारीबाग (HAZARIBAGH): जिले के बड़ाबाजार थाना क्षेत्र के कैंटोनमेंट मौजा स्थित खासमहल की 50 डिसमिल जमीन एक बार फिर विवादों में है. 18 सितंबर को सदर अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार ने इसी जमीन पर अतिक्रमण के आरोप में कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलवाया था. अब स्थानीय लोगों ने पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर दोबारा जमीन पर कब्जे और देर रात जेसीबी से तोड़फोड़ कराने का आरोप लगाया है. मामले की सूचना मिलने पर अंचल अधिकारी और सदर एसडीपीओ मौके पर पहुंचे.

स्थानीय लोगों और अंचलाधिकारी के अनुसार, पहले जमीन पर एक खंडहरनुमा पुराना भवन था और बाउंड्री वॉल भी नहीं थी. आरोप है कि अब वहां बड़ी बाउंड्री वॉल बना दी गई है और अंदर मौजूद पुराने भवन को जेसीबी से तोड़ दिया गया है. स्थानीय लोगों ने पेड़ काटे जाने और देर रात निर्माण कार्य कराए जाने का भी आरोप लगाया है. महिलाओं का कहना है कि वे वर्षों से वहां रह रही हैं. ऐसे में अचानक तोड़फोड़ और कब्जे की कोशिश से उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है.

कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन सतर्क

सदर अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार ने बताया कि वार्ड पार्षद से देर रात जेसीबी चलाए जाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद वे जांच के लिए पहुंचे. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार जमीन पर यथास्थिति बनाए रखनी है और किसी प्रकार की तोड़फोड़ नहीं की जानी है. अधिकारियों के अनुसार, 50 डिसमिल जमीन के अलावा पीछे की 53 डिसमिल खासमहल जमीन पर भी कब्जे के प्रयास की शिकायत है. पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दे दी गई है. आगे की कार्रवाई कोर्ट में तथ्यों को रखने और उसके आदेश के आधार पर की जाएगी.

योगेंद्र साहू ने आरोपों को नकारा

वहीं, पूर्व मंत्री योगेंद्र साहू ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि खासमहल की 50 और 53 डिसमिल की दो जमीनें हैं, जो उन्हें पूर्व लीजधारकों से प्राप्त हुई हैं. उनके बेटे की शादी होने वाली है, इसलिए वे कार्यक्रम के लिए जमीन की साफ-सफाई करवा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश अधिकारियों को कार्रवाई और तोड़फोड़ से रोकने के संबंध में है, न कि उन्हें अपनी जमीन पर काम करने से रोकने के लिए. यदि अधिकारी कोई स्पष्ट आदेश दिखाते हैं, तो वे काम रोक देंगे.

सदर एसडीपीओ रूपक कुमार सिंह ने बताया कि स्थानीय लोगों और अंचल अधिकारी से सूचना मिलने तथा हाईकोर्ट के यथास्थिति संबंधी आदेश के मद्देनजर वे मौके पर पहुंचे हैं. उन्होंने कहा कि शिकायत या आवेदन मिलने पर जांच कर नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई और हाईकोर्ट के आदेश पर है.

रिपोर्ट- शशांक शेखर