हजारीबाग: सरकार की ही जमीन सरकार को दान करने का आरोप, पूर्व विधायक के भूमि दान पर उठे गंभीर सवाल
हजारीबाग के पद्मा अंचल स्थित राजमहल एवं जमीन के दान को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया है कि पूर्व विधायक सौरभ नारायण सिंह ने सरकारी प्रकृति वाली भूमि को ही विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभाविवि) के लिए झारखंड के राज्यपाल के नाम दानपत्र के माध्यम से निबंधित करा दिया है. उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की गहन छानबीन और जांच के लिए इसे अपर समाहर्त्ता (एडीएम) को अग्रसारित कर दिया है.
हजारीबाग (HAZARIBAGH): हजारीबाग के पद्मा अंचल स्थित राजमहल एवं जमीन के दान को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है. आयोजित प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया है कि पूर्व विधायक सौरभ नारायण सिंह ने सरकारी प्रकृति वाली भूमि को ही विनोबा भावे विश्वविद्यालय (विभाविवि) के लिए झारखंड के राज्यपाल के नाम दानपत्र के माध्यम से निबंधित करा दिया है. जानकारी के अनुसार, पद्मा अंचल के थाना संख्या-27, खाता संख्या-746 के अंतर्गत कुल 62.75 एकड़ रकबा आता है, जिसमें से 6.82 एकड़ जमीन विभाविवि को दान की गई है. आरोप है कि यह पूरी जमीन पहले से ही विवादित और सरकारी नियमों के दायरे में है.
BLR एक्ट की धारा 4(H) के तहत खरीद-बिक्री पर थी रोक
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, पूर्व में हजारीबाग के अपर समाहर्त्ता ने पत्रांक 3670/रा. (दिनांक 01.10.2022) के जरिए उक्त भूमि के विभिन्न प्लॉटों को 'बिहार भूमि सुधार अधिनियम (BLR Act) 1950' की धारा 4(H) के अंतर्गत होने के कारण खरीद-बिक्री पर पूर्ण रोक लगा दी थी. इससे पहले 28 मई 2017 को पद्मा के तत्कालीन अंचल अधिकारी (पत्रांक सं.-324) ने भी अपनी रिपोर्ट में खाता संख्या-746 के कुल 62.75 एकड़ रकबे को धारा 4(H) के अंतर्गत बताया था. इस रिपोर्ट के साथ पंजी-II, अंचल अमीन प्रतिवेदन और संबंधित वादों के आदेश की प्रतियां भी संलग्न थीं.
उसी खाते पर चल रहा है पुलिस प्रशिक्षण केंद्र
प्रेस वार्ता में यह अहम सवाल उठाया गया कि इसी खाता संख्या-746 की 26.83 एकड़ भूमि का अधिग्रहण झारखंड सरकार द्वारा किया गया है, जिस पर वर्तमान में झारखंड सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (JAP-TC) संचालित हो रहा है. ऐसे में जब संपूर्ण भूमि धारा 4(H) के तहत आती है, तो उसी खाते के अन्य प्लॉट का मालिक बनकर कोई व्यक्ति जमीन को कैसे बेच या दान कर सकता है?
घटती गई जमीन, अंचल में नहीं मिले अभिलेख
खुलासा किया गया कि शुरुआत में विनोबा भावे विश्वविद्यालय को 30 एकड़ जमीन देने की घोषणा हुई थी, जो घटकर 20 एकड़ और फिर 11.90 एकड़ तक पहुंची. अंततः अधिकारियों की मिलीभगत से केवल 6.82 एकड़ भूमि दान के लिए उपलब्ध कराई गई. आरोप लगाया गया कि जब पद्मा अंचल कार्यालय में इस भूमि से संबंधित दस्तावेजों की खोजबीन की गई, तो वहां कोई भी अभिलेख नहीं मिला. पूरा मामला दबाव में लिए गए निर्णयों का परिणाम बताया जा रहा है.
उपायुक्त ने दिए जांच के आदेश
इस पूरे मामले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने हजारीबाग उपायुक्त से मुलाकात कर साक्ष्यों के साथ विस्तृत जानकारी सौंपी. उपायुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण की गहन छानबीन और जांच के लिए इसे अपर समाहर्त्ता (एडीएम) को अग्रसारित कर दिया है.
रिपोर्ट- शेखर सिंह