गुमला में विहिप-बजरंग दल का दो दिवसीय कार्यक्रम संपन्न, संगठन विस्तार और सामाजिक अभियानों पर हुई चर्चा
गुमला में विहिप और बजरंग दल का दो दिवसीय कार्यक्रम संपन्न हुआ. बैठक में संगठन विस्तार, शिक्षा, स्वास्थ्य, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों पर चर्चा की गई.
गुमला(GUMLA): जिले में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल का दो दिवसीय कार्यक्रम संपन्न हुआ. कार्यक्रम में संगठन की गतिविधियों को ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक पहुंचाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता से जुड़े अभियानों पर चर्चा की गई. इसमें बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत, विहिप जिलाध्यक्ष अजय सिंह राणा, वरिष्ठ कार्यकर्ता मुकेश सिंह सहित कई पदाधिकारी और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए. दो दिनों तक चली बैठक में वर्तमान संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की गई और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विचार किया गया. कार्यकर्ताओं को स्थानीय स्तर पर नियमित कार्यक्रम आयोजित करने और संगठन की पहुंच बढ़ाने को लेकर जिम्मेदारियां देने पर भी चर्चा हुई.
बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक किशन प्रजापत ने कहा कि संगठन सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की योजना बना रहा है. उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों के जरिए ग्रामीण परिवारों तक पहुंचने और सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर रहेगा. धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने दावा किया कि कुछ क्षेत्रों में प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की शिकायतें सामने आती हैं और संगठन ऐसे मामलों को लेकर जागरूकता अभियान चलाएगा. उन्होंने संगठन द्वारा 'लव जिहाद' कहे जाने वाले मुद्दे का भी उल्लेख किया और कहा कि इसे लेकर युवाओं और परिवारों के बीच जागरूकता कार्यक्रम चलाने की योजना है.
वहीं, विहिप जिलाध्यक्ष अजय सिंह राणा ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही. उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ उन्हें सकारात्मक और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा. बैठक में संगठन की गतिविधियों को शहरों तक सीमित न रखते हुए ग्रामीण इलाकों तक विस्तार देने, शिक्षा-स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के जरिए लोगों से संपर्क बढ़ाने पर भी मंथन हुआ. कार्यक्रम के समापन पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने आगामी योजनाओं को स्थानीय स्तर पर लागू करने तथा संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने की बात कही.