झारखंड और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली एनएच-43 पर बने गड्ढों से राहगीर परेशान, बारिश में तालाब बन जाती है सड़क

झारखंड को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-43 की बदहाल स्थिति राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. माझाटोली के पास सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं.

झारखंड और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली एनएच-43 पर बने गड्ढों से राहगीर परेशान, बारिश में तालाब बन जाती है सड़क

गुमला(GUMLA): झारखंड को छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-43 की बदहाल स्थिति राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. माझाटोली के पास सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं. बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क की वास्तविक स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है और हादसे का खतरा बढ़ जाता है. इस मार्ग से रोजाना यात्री वाहन, बसें, मालवाहक समेत बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं, ऐसे में खराब सड़क से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

स्थानीय लोगों अमरेश झा और अब्दुल गफ्फार का कहना है कि सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. कई बार शिकायत और खबर प्रकाशित होने के बाद गड्ढों में मिट्टी, गिट्टी या अन्य सामग्री डालकर अस्थायी रूप से मरम्मत कर दी जाती है, लेकिन कुछ समय बाद बारिश और वाहनों के दबाव से गड्ढे दोबारा उभर आते हैं. ग्रामीणों और वाहन चालकों ने मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि स्थायी और गुणवत्तापूर्ण काम नहीं होने के कारण समस्या बार-बार सामने आती है. लोगों ने मांग की है कि सड़क की मरम्मत निर्धारित मानकों के अनुसार कराई जाए.

इधर, सड़क की बदहाली को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक और सांसद की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि दूसरे राज्यों से झारखंड में प्रवेश करने वाले यात्रियों के लिए इस महत्वपूर्ण सड़क की ऐसी स्थिति राज्य की छवि पर भी सवाल खड़े करती है. वहीं, गुमला उपायुक्त दिलीपेश्वर महतो ने बताया कि सड़क की मरम्मत के लिए प्राक्कलन तैयार कर लिया गया है और टेंडर की प्रक्रिया की जा रही है. लोगों को उम्मीद है कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद केवल गड्ढों की खानापूर्ति नहीं, बल्कि सड़क की गुणवत्तापूर्ण और स्थायी मरम्मत होगी, जिससे सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके.

रिपोर्ट- सुशील कुमार सिंह