झारखंड पुलिस का बड़ा एक्शन, 5 लाख का इनामी JJMP कमांडर समेत 4 गिरफ्तार

गुमला में पुलिस और सुरक्षा बलों को उग्रवाद विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. डुमरी थाना क्षेत्र से JJMP के पांच लाख के इनामी सब-जोनल कमांडर रामदेव लोहरा समेत चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपियों के पास से हथियार और संचार उपकरण बरामद हुए हैं.

झारखंड पुलिस का बड़ा एक्शन, 5 लाख का इनामी JJMP कमांडर समेत 4 गिरफ्तार

GUMLA:झारखंड में उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के सब-जोनल कमांडर रामदेव लोहरा उर्फ रामदेव उरांव समेत चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार रामदेव लोहरा पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था. उसकी गिरफ्तारी को उग्रवाद विरोधी अभियान में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.

पुलिस को सूचना मिली थी कि डुमरी थाना क्षेत्र के आकाशी और जयरागी गांव के आसपास JJMP का सब-जोनल कमांडर रामदेव लोहरा अपने दस्ते के सदस्यों के साथ घूम रहा है. इनपुट में आशंका जताई गई थी कि दस्ता इलाके में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में है. सूचना मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और एक विशेष ऑपरेशन टीम का गठन किया गया.

टीम ने संबंधित इलाके में पहुंचकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया. पुलिस जवानों ने संभावित ठिकानों और आसपास के क्षेत्रों में घेराबंदी की. इसी दौरान रामदेव लोहरा और उसके साथ मौजूद तीन अन्य सक्रिय सदस्यों को पकड़ लिया गया. गिरफ्तारी के बाद सभी से पूछताछ की गई और उनके पास मौजूद सामान की जांच की गई.

गिरफ्तार आरोपियों में पांच लाख रुपये का इनामी रामदेव लोहरा शामिल है. वह लातेहार जिले के बींगड़ा गांव का रहने वाला बताया गया है. उसके साथ अरविंद नायक को भी पकड़ा गया, जो लातेहार थाना क्षेत्र के कोने गांव का निवासी है और संगठन में एरिया कमांडर के तौर पर सक्रिय था. तीसरे आरोपी की पहचान लोहरदगा जिले के जोबांग थाना क्षेत्र के किटा मक्का गांव निवासी मुनेश्वर सिंह के रूप में हुई है. चौथा आरोपी जितेन्द्र लोहरा है, जो गुमला जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के उजरा गांव का रहने वाला और संगठन का सक्रिय सदस्य बताया गया है.

पुलिस ने गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से हथियार और संचार उपकरण भी बरामद किए हैं. बरामद सामान में एक AK-56 राइफल मैगजीन सहित, एक SLR राइफल, एक सेमी-ऑटोमैटिक राइफल, एक वॉकी-टॉकी और आठ मोबाइल फोन शामिल हैं. इसके अलावा अन्य सामान भी पुलिस के हाथ लगा है.

सुरक्षा बल अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर संगठन की गतिविधियों, दस्ते में शामिल अन्य सदस्यों और इलाके में संभावित योजनाओं से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगे हैं. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ से उग्रवादी नेटवर्क के बारे में और अहम सुराग मिल सकते हैं.