PLFI पर पुलिस का बड़ा एक्शन, गुमला के जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी समेत 4 उग्रवादी गिरफ्तार
पुलिस ने कामडारा थाना क्षेत्र में छापेमारी कर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी समेत चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में संगठन के तीन दस्ता सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं. पुलिस ने इनके पास से हथियार भी बरामद किए हैं.
गुमला (GUMLA): झारखंड के गुमला जिले में उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (PLFI) के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. दरअसल पुलिस ने कामडारा थाना क्षेत्र में छापेमारी कर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी समेत चार उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में संगठन के तीन दस्ता सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं. पुलिस ने इनके पास से हथियार भी बरामद किए हैं. हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
असल में पुलिस को बीती रात गुप्त सूचना मिली थी कि पीएलएफआई के कुछ उग्रवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे हैं. सूचना में उग्रवादियों की गतिविधियों का पता चलने के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई. इसके बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को सक्रिय किया गया.
सूचना के आधार पर क्यूआरटी टीम ने कामडारा थाना क्षेत्र में छापेमारी की. इस दौरान कथित तौर पर जोनल कमांडर विश्राम कोंगाड़ी समेत चार उग्रवादियों को गिरफ्तार कर लिया गया. कार्रवाई के दौरान हथियार बरामद होने की भी जानकारी सामने आई है. हालांकि, बरामद हथियारों की संख्या और उनके प्रकार को लेकर फिलहाल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है.
गिरफ्तार किए गए विश्राम कोंगाड़ी को पीएलएफआई का जोनल कमांडर बताया जा रहा है. जानकारी के अनुसार, वह गुमला, खूंटी और सिमडेगा जिले के विभिन्न इलाकों में सक्रिय था. इन क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों से जुड़े मामलों में उसकी संलिप्तता की बात भी सामने आ रही है. हालांकि, उसके खिलाफ दर्ज मामलों और उसकी भूमिका को लेकर पुलिस की आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.
गुमला, खूंटी और सिमडेगा के कुछ इलाकों में उग्रवादी गतिविधियां पुलिस के लिए चुनौती रही हैं. ऐसे में यदि गिरफ्तारी की जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो इसे क्षेत्र में पीएलएफआई की गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा सकता है.
हालांकि, फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की ओर से विस्तृत बयान सामने नहीं आया है. ऐसे में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान, हथियारों की बरामदगी और उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों से संबंधित जानकारियों की पुष्टि होना बाकी है. पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गिरफ्तार उग्रवादी किस वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे और उनके पास से कौन-कौन से हथियार बरामद किए गए हैं. फिलहाल इस कार्रवाई को लेकर इलाके में चर्चा तेज है.