गुमला में स्वास्थ्य व्यवस्था ठप! सदर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, 35 पदों में सिर्फ 15 चिकित्सक कार्यरत

सदर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है. 12 प्रखंडों की करीब 13 लाख आबादी इलाज के लिए इस अस्पताल पर निर्भर है, लेकिन डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशानी हो रही है.

गुमला में स्वास्थ्य व्यवस्था ठप! सदर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी, 35 पदों में सिर्फ 15 चिकित्सक कार्यरत

गुमला (GUMLA): जिले के सदर अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है. 12 प्रखंडों की करीब 13 लाख आबादी इलाज के लिए इस अस्पताल पर निर्भर है, लेकिन डॉक्टरों की कमी से मरीजों को परेशानी हो रही है. अस्पताल में चिकित्सकों के 35 स्वीकृत पदों में केवल 15 पर डॉक्टर कार्यरत हैं, जबकि 20 पद खाली हैं.

अस्पताल में मरीजों के उपचार के साथ-साथ अलग अलग विभागों में चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराना भी आवश्यक होता है. ऐसे में चिकित्सकों की पर्याप्त संख्या नहीं होने पर कार्यरत डॉक्टरों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियों का दबाव पड़ सकता है. इससे अस्पताल की व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखना प्रबंधन के लिए कठिन हो जाता है.

गुमला सदर अस्पताल में चिकित्सकों के 20 पद रिक्त हैं. यह स्थिति स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त चिकित्सकों की नियुक्ति की आवश्यकता को रेखांकित करती है. यदि रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाती है, तो अस्पताल में चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने, मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने और कार्यरत चिकित्सकों पर काम का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है. अब आवश्यकता है कि संबंधित स्वास्थ्य विभाग इस समस्या पर गंभीरता से विचार करे और रिक्त पदों को भरने की दिशा में आवश्यक पहल करे, ताकि गुमला जिले के ग्रामीणों और शहरी मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके.

सदर अस्पताल में इलाज करवाने के लिए न केवल गुमला मुख्यालय से बल्कि दूर दराज के क्षेत्र से भी लगातार और लोग यहां आते हैं लेकिन चिकित्सकों की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है ग्रामीणों का स्पष्ट मानना है कि डॉक्टर से मिलने के लिए उन्हें घंटा इंतजार करना पड़ता है और जब डॉक्टर आते हैं तो काफी भीड़ होने के कारण लोगों को घंटे तक लाइन में खड़ा होना पड़ता है उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार को भी इस बात की जानकारी है बावजूद इसके सदर साल में चिकित्सकों की व्यवस्था नहीं हो पाना निश्चित रूप से सरकार के लापरवाही को दर्शाता है.

बता दें, गुमला सदर अस्पताल 100 बेड वाला अस्पताल होने के बावजूद भी यहां पर ढाई सौ से अधिक मरीज अभी भी भर्ती है जिनका इलाज चल रहा है ऐसे में मरीजों को कैसे रखा जाता है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है साथ ही साथ ओपीडी में प्रतिदिन 600 से अधिक मरीज इलाज करवाने के लिए आते हैं. ऐसे में जब चिकित्सक की नहीं रहेंगे तो उनका इलाज कैसे हो पायेगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कई बार तो देखने को मिलता है कि ना तो बच्चा का और ना ही महिला चिकित्सक ही मौजूद रहती है जिसके कारण वैसे मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है लोग यहां इलाज की उम्मीद में आते हैं लेकिन डॉक्टर के अभाव में निराश होकर वापस चले जाते हैं.

रिपोर्ट- सुशील कुमार सिंह