गुमला को मिला ब्लड सेंटर का नया लाइसेंस, अब जिले में नहीं होगी रक्त की कमी

गुमला को मिला ब्लड सेंटर का नया लाइसेंस, अब जिले में नहीं होगी रक्त की कमी

गुमला (GUMLA) : जिले के लोगों के लिए राहत की खबर है. सदर अस्पताल के ब्लड सेंटर को नया लाइसेंस मिल गया है. अब जिले में ही रक्त का संग्रह, सुरक्षित भंडारण और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा. उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने प्रेस वार्ता में बताया कि इससे खासकर सिकल सेल और थैलेसीमिया के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी.

इसकी अनुज्ञप्ति समाप्त हो गई थी

उपायुक्त ने बताया कि गुमला का ब्लड सेंटर वर्ष 2018 से संचालित था, लेकिन वर्ष 2022 में लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने के कारण इसकी अनुज्ञप्ति समाप्त हो गई थी. इसके बाद सीमित व्यवस्था में काम चलता रहा, लेकिन 27 नवंबर 2025 को चाईबासा की एक घटना के बाद नियमों के तहत ब्लड सेंटर का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया. इससे जिले में रक्त की गंभीर कमी हो गई थी.

अब ब्लड सेंटर को नई अनुज्ञप्ति मिली

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने नए लाइसेंस के लिए लगातार प्रयास किए. करीब छह से सात महीने की प्रक्रिया के बाद अब ब्लड सेंटर को नई अनुज्ञप्ति मिल गई है. इससे विशेष रूप से सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया से पीड़ित लगभग 250 मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है.

सुरक्षित भंडारण और वितरण किया जाएगा

डीसी ने कहा कि पहले जिले में एकत्रित रक्त को रिम्स भेजना पड़ता था और जरूरत पड़ने पर वहीं से रक्त वापस मिलता था. इससे मांग के अनुसार रक्त उपलब्ध नहीं हो पाता था. अब जिले में ही रक्त का सुरक्षित भंडारण और वितरण किया जाएगा.

नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश

उपायुक्त ने सिविल सर्जन को नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने 13 जुलाई को जिला समन्वय समिति की बैठक के दौरान समाहरणालय में भी रक्तदान शिविर लगाने को कहा। साथ ही सभी प्रखंडों और अंचलों में बड़े स्तर पर रक्तदान अभियान चलाने का निर्देश दिया.

स्वैच्छिक रक्तदान कर सहयोग करने की अपील

सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने कहा कि गुमला अब रक्त उपलब्धता के मामले में आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान कर इस अभियान में सहयोग करने की अपील की.

रिपोर्ट – सुशील कुमार सिंह