गुमला पहुंची डूरंड कप की ट्रॉफी, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में दिखा जबरदस्त उत्साह

गुमला पहुंची डूरंड कप की ट्रॉफी, खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में दिखा जबरदस्त उत्साह

गुमला (GUMLA): एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के 135वें संस्करण की ट्रॉफी सोमवार को गुमला पहुंची, जहां परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में इसका भव्य स्वागत किया गया. भारतीय सेना की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में पारंपरिक आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया. ट्रॉफी के गुमला पहुंचने पर खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और आम लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला. इसके बाद उपायुक्त दिलेश्वर महतो और पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमा ने संयुक्त रूप से ट्रॉफी रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहां लोगों ने पुष्पवर्षा और तालियों के साथ ट्रॉफी का स्वागत किया. बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, खिलाड़ी और स्थानीय नागरिक इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने.

इस अवसर पर उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि डूरंड कप की ट्रॉफी का गुमला आना जिले के लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि इससे युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने और बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने की प्रेरणा मिलेगी. वहीं पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमा ने कहा कि खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है. डीएफओ अहमद बिलाल अनवर ने कहा कि खेल अनुशासन, नेतृत्व और टीम भावना विकसित करते हैं, जबकि जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार ने बताया कि गुमला लंबे समय से फुटबॉल प्रतिभाओं की धरती रहा है और यह आयोजन स्थानीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएगा.

बता दें, यह टूर्नामेंट 26 जुलाई से रांची के बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम, मोरहाबादी में डूरंड कप 2026 के मुकाबले खेले जाएंगे. पहली बार झारखंड इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है, जिससे पूरे राज्य में फुटबॉल का माहौल बन गया है. खेल प्रेमियों का मानना है कि इस आयोजन से झारखंड के युवा खिलाड़ियों को नई पहचान मिलेगी और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर अवसर मिलेगा. गुमला में ट्रॉफी का स्वागत खेल, उत्साह और एकता का शानदार उदाहरण बनकर सामने आया.

रिपोर्ट- सुशील सिंह