नौकरी का झांसा देकर नाबालिग को राजस्थान ले गई महिला, 45 साल के व्यक्ति से कराई शादी, जानिए कहां का है मामला
गुमला के बिशुनपुर में 16 वर्षीय नाबालिग को नौकरी का झांसा देकर दिल्ली ले जाने और राजस्थान में 45 वर्षीय व्यक्ति से शादी कराने का आरोप लगा है. दो महीने बाद पीड़िता घर लौटी.
गुमला (GUMLA): झारखंड में नाबालिग लड़कियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दूसरे राज्यों में ले जाने और उनकी जिंदगी से खिलवाड़ करने का एक गंभीर मामला सामने आया है. गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड की रहने वाली 16 वर्षीय नाबालिग को रोजगार दिलाने का भरोसा देकर दिल्ली ले जाया गया. आरोप है कि वहां से उसे राजस्थान पहुंचा दिया गया, जहां उसकी शादी करीब 45 वर्षीय व्यक्ति से करा दी गई. करीब दो महीने तक घर से दूर रहने के बाद पीड़िता किसी तरह वहां से निकलकर अपने घर पहुंची. इसके बाद परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की है.
परिजनों की शिकायत के अनुसार, बिशुनपुर क्षेत्र की एक महिला नाबालिग को बेहतर रोजगार दिलाने का भरोसा देकर अपने साथ दिल्ली ले गई थी. परिजनों को उम्मीद थी कि उनकी बेटी को काम मिल जाएगा, लेकिन आरोप है कि दिल्ली पहुंचने के बाद उसे राजस्थान भेज दिया गया. वहां उसकी शादी करीब 45 वर्षीय व्यक्ति से करा दी गई. इस दौरान नाबालिग की उम्र और उसकी सहमति को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं.
बताया गया है कि पीड़िता करीब दो महीने तक राजस्थान में रही. इस दौरान उसे किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. बाद में वह किसी तरह वहां से निकलने में सफल रही और अपने घर लौट आई. घर पहुंचने के बाद उसने परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद परिवार ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई.
मामले में 2 नवंबर 2026 को बिशुनपुर थाना में लिखित शिकायत दिए जाने का उल्लेख है. शिकायतकर्ता ने पुलिस से प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित महिला और इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी.
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में सक्रिय मानव तस्करी के खतरे को उजागर किया है. रोजगार और बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर नाबालिग लड़कियों को दूसरे राज्यों में ले जाने के मामले उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं. अब देखना होगा कि पुलिस जांच में इस मामले से जुड़े कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है.
रिपोर्ट: सुशील सिंह