क्या सवाल पूछना गुनाह है! साथी आरक्षी की छुट्टी पर अधिकारियों से किया सवाल,तो हो गए निलंबित, पढ़िए पूरा मामला

क्या सवाल पूछना गुनाह है! साथी आरक्षी की छुट्टी पर अधिकारियों से किया सवाल,तो हो गए निलंबित, पढ़िए पूरा मामला

गोड्डा (GODDA):झारखंड के गोड्डा जिले से पुलिस विभाग का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें विभागीय अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाना एक आरक्षी को भारी पड़ गया.आरोप है कि पुलिस मेंस एसोसिएशन की जिला इकाई के कोषाध्यक्ष एवं आरक्षी रामानुज प्रकाश ने अपने एक साथी सिपाही की छुट्टी रद्द किए जाने पर अधिकारियों से सवाल किया था. इसके बाद उन्हें बिना निष्पक्ष जांच के निलंबित कर दिया गया.इतना ही नहीं, निलंबन अवधि में मिलने वाले गुजारा भत्ते पर भी रोक लगा दी गई.अब आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार की ओर से उनकी पत्नी रूबी देवी ने डीआईजी और डीजीपी सहित विभाग के वरीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है.उनका कहना है कि नियमों के विरुद्ध कार्रवाई कर परिवार को आर्थिक संकट में धकेल दिया गया है और जल्द से जल्द गुजारा भत्ता जारी कर निष्पक्ष जांच कराई जाए.

क्या हुआ था मामला

दरअसल मामले की शुरुआत आज से लगभग 5 माह पूर्व शुरू हुई थी .जब आरक्षी सह कोषाध्यक्ष रामानुज प्रकाश द्वारा एक आरक्षी जो जिले के मजिस्ट्रेट के पास गार्ड के रूप में कार्यरत थे उनकी छुट्टी को अस्वीकृत किये जाने पर नगर थाना प्रभारी सह पुलिस निरीक्षक आशीष कुमार महली से सवाल किया गया कि आखिर छुट्टी क्यों नही दी गयी .अब थाना प्रभारी को सवाल पूछना नागवार लग गया .जिसकी शिकायत थाना प्रभारी द्वारा लिखित रूप से पुलिस अधीक्षक कार्यालय को प्रेषित कर दी गयी .जिसपर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा बिना किसी स्पष्टीकरण पूछे ही रामानुज को मार्च महीने में निलंबित करते हुए लाइन हाजिर कर दिया गया .बात यहीं नही रुकी जब रामानुज ने अपने निलंबन के विरुद्ध विभाग में पत्राचार किये तो दोबारा अप्रैल महीने में गुजारा भत्ता भी इनका रोक दिया गया .

सरकार के अवर सचिव के आदेश को भी हुई अनदेखी

इस पुरे प्रकरण एवं संघठन के पत्राचार के पश्चात सरकार के अवर सचिव सुनील कुमार द्वारा गृह,कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव को दिनांक 23 जून को ज्ञापांक 4128 के माध्यम से नगर थाना प्रभारी के विरुद्ध कार्यवाई का निर्देश भी दिया गया था .मगर बावजूद इसके अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाई नहीं की है .

पत्नी ने DIG तथा DGP से लगाई न्याय की गुहार

सभी जगहों निराश होकर आरक्षी रामानुज की पत्नी रूबी देवी ने विभाग के वरीय अधिकारीयों से पात्र के माध्यम से न्याय की गुहार लगाते हुए गुजारा भत्ता निर्गत करने की अपील की है .जिसमे उन्होंने लिखा है एक तो बगैर निष्पक्ष जांच के कार्यवाई की गयी दुसरे निलंबित अवधि में मिलने वाली गुजारे भत्ते को भी नियम विरुद्ध रोककर पुरे परिवार को भुखमरी के कगार पर ले जा रहे हैं .

रिपोर्ट-अजीत कुमार