गिरिडीह में गजराज का तांडव, बुजुर्ग दम्पत्ति को कुचला, पति की मौके पर हुई मौत

पीरटांड में हाथी के हमले में 70 वर्षीय मंगरा मांझी की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी बड़की देवी गंभीर रूप से घायल हैं.

गिरिडीह में गजराज का तांडव, बुजुर्ग दम्पत्ति को कुचला, पति की मौके पर हुई मौत

गिरिडीह (GIRIDIH): जिले के पीरटांड थाना क्षेत्र में देर रात हाथी के हमले से एक बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं. घटना मंडरडीह (लेढवा) इलाके की बताई जा रही है. मृतक की पहचान 70 वर्षीय मंगरा मांझी के रूप में हुई है. वहीं उनकी पत्नी बड़की देवी (65) को गंभीर हालत में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है.

जानकारी के अनुसार, रात के समय मंगरा मांझी को शौच के लिए बाहर जाना था. बताया गया कि उनकी आंखों की रोशनी काफी कमजोर थी. उनकी पत्नी बड़की देवी उन्हें सहारा देकर घर से बाहर लेकर गई थीं. इसी दौरान अचानक सामने हाथी आ गया और दोनों पर हमला कर दिया. हाथी के अचानक पहुंचने से बुजुर्ग दंपती को संभलने का मौका नहीं मिला. घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन दोनों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे. अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद मंगरा मांझी को मृत घोषित कर दिया. वहीं बड़की देवी की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है.

हाथियों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी
घटना के बाद हाथियों की संख्या को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. मृतक के नाती मनीष सोरेन के अनुसार, घटनास्थल के आसपास करीब पांच से छह हाथी मौजूद थे. हालांकि, प्रशासन की ओर से बताया गया है कि हमले में शामिल हाथी अकेला था और वह अपने झुंड से अलग होकर इलाके में घूम रहा है. पीरटांड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि क्षेत्र में झुंड से अलग हुआ एक हाथी घूम रहा है. मामले की जानकारी वन विभाग को दे दी गई है और टीम को सक्रिय किया गया है, ताकि हाथी की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

पहले भी इलाके में मौजूद था हाथियों का झुंड
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से पीरटांड और पारसनाथ क्षेत्र में हाथियों का झुंड मौजूद था. वन विभाग की टीम हाथियों को आबादी वाले इलाकों से दूर सुरक्षित स्थान की ओर ले जाने के प्रयास में जुटी थी. कुछ दिन पहले हाथियों के क्षेत्र से निकल जाने की बात भी सामने आई थी. इसके बावजूद मंगलवार रात बुजुर्ग दंपती पर हाथी के हमले की घटना ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. घटना के बाद ग्रामीणों में जंगली हाथियों को लेकर भय बना हुआ है. ग्रामीणों ने आबादी वाले क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी पर निगरानी बढ़ाने और लोगों को समय रहते इसकी जानकारी देने की मांग की है. वहीं वन विभाग की टीम हाथी की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे सुरक्षित तरीके से आबादी वाले क्षेत्र से दूर करने की कोशिश में जुटी है.