BREAKING: 30 हजार रिश्वत लेते दरोगा साहब गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथों दबोचा
गिरिडीह साइबर थाना के सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया.
गिरिडीह साइबर थाना के सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया.
गिरिडीह (GIRIDIH): झारखंड के गिरिडीह में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी ACB की टीम ने साइबर थाना के एक सब-इंस्पेक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान पुनीत कुमार गौतम के रूप में हुई है. आरोप है कि उसने कोर्ट में केस डायरी भेजने के एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी. शिकायत मिलने के बाद ACB ने जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार कर लिया.
जानकारी के मुताबिक, गिरिडीह साइबर थाना में दर्ज कांड संख्या 24/26 से जुड़े मामले में आवेदक जीवलाल मंडल से आरोपी सब-इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर रिश्वत की मांग की थी. आरोप है कि कोर्ट में केस डायरी भेजने के लिए 30 हजार रुपये मांगे गए थे. जीवलाल मंडल रिश्वत देने के पक्ष में नहीं थे. इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से कर दी. शिकायत मिलने के बाद ACB ने पूरे मामले की जांच शुरू की. शिकायत मिलने पर ACB अधिकारियों ने पहले आरोपों का गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया. जांच के दौरान रिश्वत मांगे जाने की शिकायत सही पाई गई. इसके बाद आरोपी पुलिस अधिकारी को पकड़ने के लिए ACB ने विशेष टीम का गठन किया. टीम ने शिकायतकर्ता के जरिए आरोपी को रिश्वत की रकम देने की योजना बनाई, ताकि पुलिस अधिकारी को मौके पर ही पकड़ा जा सके.
तय योजना के अनुसार, जीवलाल मंडल ने सब-इंस्पेक्टर पुनीत कुमार गौतम को 30 हजार रुपये दिए. जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से तैयार ACB की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया. ACB ने आरोपी सब-इंस्पेक्टर के पास से रिश्वत की रकम भी बरामद की. इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई. ACB की इस कार्रवाई के बाद गिरिडीह साइबर थाना समेत पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. फिलहाल आरोपी पुलिस अधिकारी से पूछताछ की जा रही है और रिश्वतखोरी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है. ACB यह भी पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी ने पहले भी किसी मामले में इसी तरह रिश्वत की मांग की थी और क्या इस पूरे मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है. फिलहाल कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं.