गढ़वा के जंगल में पहुंचा बाघ,ग्रामीणों में दहशत,कई मवेशी को बनाया शिकार
गढ़वा: जिले के जंगलो मे इनदिनों बाघ का दहशत फैली है. गढ़वा जिले के जंगलो में पड़ने वाले पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) से सटे रंका, रमकंडा-भंडरिया-बड़गड़ चार प्रखंडो के वन क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि डीएफओ ने की है.
गढ़वा (GARHWA): जिले के जंगलो मे इनदिनों बाघ का दहशत फैली है. गढ़वा जिले के जंगलो में पड़ने वाले पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) से सटे रंका, रमकंडा-भंडरिया-बड़गड़ चार प्रखंडो के वन क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की पुष्टि डीएफओ ने की है. जिसके बाद हड़कंप मच गया. गाँव के लोग जंगल जाने से डर रहे है. वहीं वन विभाग की टीम अलर्ट हो कर जंगल में निगरानी रख रही है.
इस दौरान जंगल में निरीक्षण पर निकले वन कर्मियों को बाघ के पैर का निशान भी मिला है.जिसके बाद उस बाघ के पैर के निशान की सैंपल कलेक्ट किया है. जिससे यह जानकारी हो सके की आखिर बाघ पलामू टाइगर रिजर्व का है या किसी दूसरे जंगल से भटक कर गढ़वा पहुंचा है.
हाल के दिनों में जंगल में कई मवेशी को भी बाघ ने अपना शिकार बनाया है.जंगल में कई मवेशियों के शिकार के प्रमाण भी वन विभाग को मिले है. जिसके आधार पर वन विभाग ने बाघ की गतिविधि की पुष्टि की. इसके बाद संभावित इलाकों के जंगलो के पेड़ो मे कैमरा ट्रैप लगाकर निगरानी बढ़ा दी गयी है.
गढ़वा डीएफओ एबीन बेनी अब्राहम ने बताया कि रंका, भंडरिया, बढ़गढ़ और रमकंडा क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की सूचना मिली थी. पगमार्क की जांच के बाद इसकी पुष्टि हुई है. हालांकि, अभी बाघ कैमरा ट्रैप में कैद नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि वन विभाग अलर्ट है.जंगल में विशेष निगरानी की जा रही है.
वन विभाग ने ग्रामीणों से सुबह और शाम के समय जंगल नहीं जाने के साथ अनावश्यक रूप से जंगल में प्रवेश करने से बचने की अपील की है. ग्रामीणों से बाघ की गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने को कहा गया है.
रिपोर्ट: धर्मेन्द्र कुमार