झारखंड SIR 2026: गढ़वा में Form-7 का ढेर मिलने से मचा हड़कंप, प्रशासन ने दिए कार्रवाई के आदेश
गढ़वा के खपरो गांव में एक व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में भरे हुए प्रपत्र-7 मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया. एसडीओ ने दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं.
गढ़वा (GARHWA): झारखंड में SIR को लेकर प्रक्रिया तेज़ है. ऐसे में गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के खपरो गांव में बड़ी संख्या में पहले से भरे हुए प्रपत्र-7 मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है. एक आम व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में प्रपत्र-7 होने की सूचना ग्रामीणों के माध्यम से प्रशासन तक पहुंची, जिसके बाद मामले को गंभीरता से लिया गया. रंका अनुमंडल पदाधिकारी मोहम्मद परवेज आलम ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया है. बताया गया कि शिव प्रसाद सोनी नामक व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में भरे हुए प्रपत्र-7 मिले हैं. मामला एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत चल रहे मतदाता सूची के कार्य से जुड़ा है. सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
एसडीओ मोहम्मद परवेज आलम के अनुसार, एसआईआर का कार्य निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के तहत कराया जा रहा है. मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रपत्र-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम हटाने या उससे संबंधित आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है. प्रशासन के मुताबिक, संबंधित प्रपत्रों पर बीएलओ के हस्ताक्षर भी नहीं पाए गए हैं. ऐसे में किसी आम व्यक्ति के पास बड़ी संख्या में पहले से भरे हुए प्रपत्र-7 मिलना गंभीर विषय माना जा रहा है. प्रशासन को आशंका है कि इस तरह की गतिविधि से एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और आम मतदाताओं के बीच भी गलतफहमी फैल सकती है. मामले में प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि ये फॉर्म किस उद्देश्य से भरे गए और इन्हें एकत्र करने के पीछे क्या वजह थी.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य पूरी तरह नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाना चाहिए. लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची का शुद्ध, निष्पक्ष और पारदर्शी होना बेहद महत्वपूर्ण है. एसडीओ ने कहा कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता, भ्रम या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा. इसी क्रम में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है. प्रशासन की ओर से लोगों से भी अपील की गई है कि वे मतदाता सूची से जुड़े किसी भी फॉर्म या प्रक्रिया को लेकर केवल अधिकृत अधिकारियों और बीएलओ के माध्यम से ही जानकारी लें. अधिकारियों का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा.
रिपोर्ट- धर्मेन्द्र कुमार