गढ़वा में 48 घंटे से मूसलाधार बारिश, सरस्वती नदी में बही बुजुर्ग महिला, रेड अलर्ट जारी

गढ़वा में 48 घंटे से हो रही भारी बारिश के बीच सरस्वती नदी में बुजुर्ग महिला के बहने की सूचना है. सोन और कोयल नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट बढ़ा दिया है.

गढ़वा (GARHWA): जिले में लगातार 48 घंटे से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. शहर के मंगल भवन इलाके से होकर गुजरने वाली सरस्वती नदी में बुधवार को एक बुजुर्ग महिला के तेज बहाव में बह जाने की सूचना मिली है. परिजनों ने महिला की काफी खोजबीन की, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है. लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने पूरे जिले में सतर्कता बढ़ा दी है. मौसम विभाग ने गढ़वा के लिए आज और कल रेड अलर्ट जारी किया है. एहतियात के तौर पर जिले के सभी स्कूलों में दो दिनों के लिए शिक्षण कार्य स्थगित कर दिया गया है.

बता दें, उत्तर प्रदेश के ओबरा स्थित रिहंद डैम का चौथा फाटक खोले जाने के बाद सोन नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी की संभावना है. इसे देखते हुए केतार, भवनाथपुर और खरौंधी प्रखंड में विशेष सतर्कता बरती जा रही है. बीडीओ और थाना प्रभारियों ने सोन नदी से सटे गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को सावधान किया. परती, छाताकुंड, पाचाडुमर, खैरवा, कधवन और लोहरगाड़ा समेत तटीय इलाकों में लोगों को नदी के पास नहीं जाने की हिदायत दी गई है. प्रशासन ने मछली पकड़ने और नहाने के लिए नदी में उतरने से बचने की अपील की है. साथ ही बच्चों और मवेशियों को नदी से दूर रखने को कहा गया है.

इधर, गढ़वा डीसी पीएन मिश्रा ने अधिकारियों के साथ मझिआंव और कांडी इलाके का निरीक्षण कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया. उन्होंने कोयल और सोन नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की. डीसी ने सभी बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारियों को स्थानीय गोताखोरों को अलर्ट रखने का निर्देश दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव अभियान शुरू किया जा सके. अचानक जलस्तर बढ़ने पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना देने को कहा गया है. इस दौरान किसानों ने फसल बर्बाद होने की शिकायत भी की, जिस पर डीसी ने संबंधित अंचल अधिकारी को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया. ग्रामीणों ने नदी किनारे पक्के तटबंध के निर्माण की मांग भी रखी है.

रिपोर्ट- धर्मेन्द्र कुमार