गढ़वा में 20 साल से दानरो नदी के किनारे फेंका जा रहा कचरा, NGT की जांच पर शिकायतकर्ता ने उठाए सवाल

गढ़वा की दानरो नदी के किनारे लंबे समय से कचरा डंप किए जाने के मामले में NGT के निर्देश पर जॉइंट कमिटी ने स्थल का निरीक्षण किया. शिकायतकर्ता ने जांच प्रक्रिया पर आपत्ति जताई.

गढ़वा में 20 साल से दानरो नदी के किनारे फेंका जा रहा कचरा, NGT की जांच पर शिकायतकर्ता ने उठाए सवाल

गढ़वा(GARHWA): शहर के बीच से गुजरने वाली दानरो नदी के किनारे लंबे समय से कचरा डंप किए जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि नगर परिषद की ओर से करीब 20 सालों से नदी के किनारे कचरा फेंका जा रहा है. इससे यहां बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो गया है. आसपास रहने वाले लोगों पर इसके असर और नदी के पानी के प्रदूषित होने की आशंका जताई जा रही है.

मामले को लेकर स्थानीय आजसू नेता दीपक शर्मा ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी NGT में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के बाद NGT के निर्देश पर एक जॉइंट कमिटी का गठन किया गया. कमिटी ने 29 सितंबर को दानरो नदी के कचरा डंपिंग स्थल का निरीक्षण किया.

निरीक्षण के तरीके पर शिकायतकर्ता को आपत्ति

शिकायतकर्ता दीपक शर्मा का आरोप है कि कमिटी के अध्यक्ष सह उपायुक्त खुद स्थल पर मौजूद नहीं थे. उनकी जगह अपर समाहर्ता-1 निरीक्षण में शामिल हुए. दीपक शर्मा के मुताबिक, उन्होंने टीम से प्राधिकरण पत्र की कॉपी मांगी, लेकिन उन्हें यह उपलब्ध नहीं कराई गई.

उन्होंने बताया कि जांच टीम मौके पर करीब 10 मिनट ही रुकी. शिकायतकर्ता कुछ बिंदुओं की जांच के लिए लिखित आवेदन देना चाहते थे, लेकिन आवेदन मौके पर लेने के बजाय कार्यालय में जमा करने को कहा गया. उनका दावा है कि उनके बताए बिंदुओं की मौके पर जांच नहीं की गई. पूरे निरीक्षण की वीडियो रिकॉर्डिंग भी किए जाने की बात कही गई है.

नगर परिषद ने क्या कहा

गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार राय ने बताया कि NGT ने मामले में जांच रिपोर्ट मांगी थी. इसके बाद कमिटी ने स्थल का निरीक्षण किया और नगर परिषद की ओर से भी रिपोर्ट उपलब्ध करा दी गई है.

उन्होंने बताया कि कचरा डंपिंग के लिए सुखबाना में जमीन चिन्हित की गई है. वहां बाउंड्रीवाल का निर्माण भी हो चुका है. हालांकि, पर्यावरण संबंधी रिपोर्ट अभी मिलनी बाकी है. उनके मुताबिक, मामला फिलहाल न्यायालय में लंबित है.

रिपोर्ट- धर्मेन्द्र कुमार