गढ़वा : MMDR बिल और चंदा चोरी के विरोध में कांग्रेस का महाधरना, केंद्र सरकार पर साधा निशाना
गढ़वा जिला कांग्रेस कमेटी ने MMDR बिल और राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर जिला समाहरणालय के समक्ष महाधरना दिया.कांग्रेस ने नए खनन कानून को झारखंड के आर्थिक और खनिज हितों के खिलाफ बताया.
गढ़वा(GARHWA): केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए खनन एवं खनिज संशोधन विधेयक (MMDR Bill) और राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर गढ़वा जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय महाधरना दिया. प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की और प्रस्तावित खनन कानून को झारखंड के हितों के लिए नुकसानदायक बताया.
हाथों में तख्तियां लेकर जताया विरोध
धरना कार्यक्रम में गढ़वा जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों, नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते नजर आए. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नए खनन कानून से खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड के अधिकार और आर्थिक हित प्रभावित हो सकते हैं. पार्टी ने इस विधेयक को वापस लेने की मांग की. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर भी विरोध दर्ज कराया. नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और मामले की पारदर्शी तरीके से जांच की जानी चाहिए.
झारखंड को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का आरोप
धरना को संबोधित करते हुए गढ़वा जिला कांग्रेस अध्यक्ष ओबेदुल्ला अंसारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि लोकसभा में पारित नए खनन विधेयक के माध्यम से झारखंड के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. इसी के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से समाहरणालय के सामने धरना आयोजित किया गया है. उन्होंने कहा कि पार्टी खनिज संसाधनों पर झारखंड के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाती रहेगी. साथ ही कथित चंदा चोरी के मुद्दे को भी कांग्रेस जनता के बीच प्रमुखता से उठाएगी.
7 सितंबर को रांची में प्रदर्शन का ऐलान
जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि आगामी 7 सितंबर को रांची में लोकभवन के समक्ष भी कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन किया जाएगा. गढ़वा में आयोजित धरना कार्यक्रम के समापन पर कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति के नाम सौंपा.पार्टी नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की खनन नीति के खिलाफ उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा और झारखंड के खनिज संसाधनों तथा आर्थिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को विभिन्न मंचों पर उठाया जाएगा.
रिपोर्ट – धर्मेन्द्र कुमार