गढ़वा (GARHWA): अक्सर अवैध वसूली के आरोप बड़े अधिकारियों या सरकारी कर्मचारियों पर लगते हैं. लेकिन गढ़वा से सामने आई यह तस्वीर कुछ अलग है. यहां किसी अधिकारी पर नहीं, बल्कि एक शिक्षक पर सरकारी योजना के नाम पर छात्रों से पैसे वसूलने का आरोप लगा है. हैरानी की बात यह है कि जिन बच्चों को सरकार मुफ्त साइकिल देने की योजना चला रही है, उन्हीं से साइकिल दिलाने के नाम पर 50-50 रुपये लिए गए. मामला सामने आने के बाद छात्रों ने खुलकर विरोध किया, हंगामा हुआ और प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा. बीडीओ के पहुंचते ही छात्रों के पैसे वापस कराए गए, लेकिन इस घटना ने सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता का पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
दरअसल, जिले के धुरकी प्रखंड में सरकारी योजना के तहत साइकिल वितरण कार्यक्रम के दौरान छात्रों से कथित अवैध वसूली का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. धुरकी प्रखंड कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में टाटीदीरी उच्च विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि साइकिल दिलाने के नाम पर उनसे प्रति छात्र 50 रुपये लिए गए. बच्चों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों के सामने एक स्वर में कहा कि बिना पैसे दिए साइकिल नहीं मिलने की बात कहकर उनसे राशि वसूली गई. मामला सामने आते ही प्रखंड कार्यालय परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई और अभिभावकों व स्थानीय लोगों ने भी इस पर नाराजगी जताई. सरकारी योजना के लाभार्थियों से पैसे वसूले जाने की सूचना फैलते ही पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा शुरू हो गई.
मामले की जानकारी मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) अनुरंजन झा तत्काल मौके पर पहुंचे और छात्रों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. इसके बाद उन्होंने टाटीदीरी उच्च विद्यालय के शिक्षक प्रमोद कुमार और पंकज भारती को तलब कर पूछताछ की. बीडीओ के हस्तक्षेप के बाद संबंधित शिक्षक ने छात्रों से लिए गए सभी पैसे वापस कर दिए. इसके बाद स्थिति सामान्य हुई, लेकिन छात्रों और अभिभावकों में इस घटना को लेकर नाराजगी बनी रही. बीडीओ ने स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं के नाम पर किसी भी प्रकार की अवैध वसूली गंभीर अपराध है और इसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
बीडीओ अनुरंजन झा ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है. जांच में यदि कोई शिक्षक, कर्मी या अन्य व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. वहीं, टाटीदीरी उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक पारसनाथ यादव ने इस मामले से विद्यालय स्तर पर किसी भी तरह की वसूली से इनकार किया. उन्होंने कहा कि विद्यालय में किसी छात्र से कोई पैसा नहीं लिया गया है. प्रखंड कार्यालय पहुंचने के बाद यदि किसी ने पैसे लिए हैं तो इसकी उन्हें जानकारी नहीं है. फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट : धर्मेन्द्र कुमार

