गढ़वा में सरकारी स्कूल में माँ दुर्गा की प्रतिमा रखने पर शुरू हुआ विवाद,थाना पहुंचा मामला

गढ़वा: जिले में मां दुर्गा की प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सरकारी विद्यालय परिसर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित किए जाने पर शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है, तो वहीं प्रधानाध्यापक ने ग्रामीणों पर जबरन स्कूल का ताला तोड़कर प्रतिमा स्थापित करने का आरोप लगाते हुए थाने में आवेदन दिया है.

 

गढ़वा: जिले में मां दुर्गा की प्रतिमा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. सरकारी विद्यालय परिसर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित किए जाने पर शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है, तो वहीं प्रधानाध्यापक ने ग्रामीणों पर जबरन स्कूल का ताला तोड़कर प्रतिमा स्थापित करने का आरोप लगाते हुए थाने में आवेदन दिया है. दूसरी ओर, स्थानीय ग्रामीणों में इसे लेकर आक्रोश है. ग्रामीण इसे गांव की राजनीति से प्रेरित विवाद बता रहे हैं. मामला सगमा प्रखंड अंतर्गत सोनडीहा दक्षिणी पंचायत स्थित पीएम श्री राजकीय मध्य विद्यालय का है.  

बताया जा रहा है कि गांव में पहले एक ही स्थान पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाती थी, लेकिन इस वर्ष दो अलग-अलग स्थानों पर प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया. इसी के बाद विवाद शुरू हो गया. मामले को लेकर गांव के ही एक व्यक्ति ने शिक्षा विभाग में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और नवरात्र के चौथे दिन यह विवाद और गहरा गया. शिक्षा विभाग के निर्देश पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोहर दास ने थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया कि ग्रामीणों ने विद्यालय के गेट का ताला तोड़कर जबरन परिसर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर दी.

वहीं नवयुवक क्लब के पदाधिकारियों का कहना है कि इस वर्ष गांव में दो स्थानों पर प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया था. इसके लिए शिक्षा विभाग से लेकर प्रखंड स्तर तक लिखित आवेदन देकर अनुमति मांगी गई थी. क्लब के सदस्यों के अनुसार उन्हें लिखित अनुमति देने के बजाय मौखिक रूप से पूजा करने की बात कही गई. उनका आरोप है कि पूजा शुरू होने के चार दिन बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई.

क्लब के पदाधिकारी इसे गांव की राजनीति से प्रेरित विवाद बता रहे हैं.ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है. उनके अनुसार, सुबह सात बजे तक पूजा-पाठ संपन्न कर लिया जाता है, ताकि बच्चों के विद्यालय आने से पहले परिसर खाली हो जाए. वहीं, छुट्टी के बाद अन्य धार्मिक गतिविधियां की जाती हैं.

सरकारी विभाग के पत्र के अनुसार सरकारी विद्यालय परिसर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद अब शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक को पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है. इसके जवाब में प्रधानाध्यापक मनोहर दास ने भी अपना पक्ष रखते हुए पत्र लिखा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि दुर्गा पूजा समिति के सदस्य विद्यालय के गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसे और जबरन प्रतिमा स्थापित कर दी.

प्रधानाध्यापक का कहना है कि इससे विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. वहीं, प्रधानाध्यापक के पत्र में विद्यालय परिसर में ग्रामीणों द्वारा गंदगी फैलाए जाने का भी उल्लेख किया गया है. इस पूरे मामले को लेकर ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है. जिसे अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग की जांच और दोनों पक्षों के दावों के बाद इस मामले में क्या कार्रवाई होती है.

रिपोर्ट: धर्मेन्द्र कुमार