करोड़ों खर्च फिर भी नदी में कचरे का अंबार! गढ़वा की दानरो नदी की हालत पर उठे सवाल

करोड़ों खर्च फिर भी नदी में कचरे का अंबार! गढ़वा की दानरो नदी की हालत पर उठे सवाल

गढ़वा(GARHWA): जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली दानरो नदी एक बार फिर कचरे के ढेर में तब्दील होती नजर आ रही है. करोड़ों रुपये खर्च कर नदी की सफाई कराए जाने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं. ऐसे में नगर परिषद की कार्यशैली और सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं.

दरअसल, गढ़वा नगर क्षेत्र से निकलने वाली दानरो नदी में वर्षों से शहर का कचरा डंप किया जाता रहा है. नगर पंचायत से नगर परिषद बनने के बाद भी इस व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ. लगातार कचरा फेंके जाने से नदी प्रदूषित होती गई और उसके किनारों पर कचरे का विशाल ढेर जमा हो गया. समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद ने नदी से कचरा हटाने और उसके निस्तारण के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये की योजना शुरू की थी.

टेंडर प्रक्रिया के बाद यह कार्य करीब 30 प्रतिशत कम दर पर एक बाहरी कंपनी को दिया गया. सफाई अभियान के दौरान नदी में जमा कचरे को हटाया गया और उपयोगी सामग्री को रीसाइक्लिंग के लिए अलग किया गया. उस समय ऐसा लगा कि दानरो नदी को प्रदूषण से राहत मिल गई है, लेकिन एक वर्ष पूरा होने से पहले ही नदी की स्थिति फिर पहले जैसी हो गई.

आज नदी में दोबारा कचरे का अंबार दिखाई दे रहा है. कचरे से उठने वाली दुर्गंध और धुआं आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया.

वहीं नगर परिषद का कहना है कि फिलहाल अस्थायी रूप से नदी क्षेत्र में कचरा डंप किया जा रहा है. सुखबाना गांव में स्थायी डंपिंग यार्ड बनाने की योजना पर काम चल रहा है. इसके लिए भूमि चयन की प्रक्रिया जारी है और वन विभाग से संबंधित औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. अधिकारियों का दावा है कि डंपिंग यार्ड बनने के बाद आधुनिक मशीनों के जरिए कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा और दानरो नदी को प्रदूषण से स्थायी राहत मिलेगी.

रिपोर्ट-  धर्मेन्द्र कुमार