गढ़वा (GARHWA):अगर आपसे कहा जाए कि एक ही मकान में 447 लोग रहते हैं, तो शायद आपको यकीन नहीं होगा. लेकिन झारखंड के गढ़वा जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान कुछ ऐसा ही मामला सामने आया, जिसने निर्वाचन विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर पहुंचकर जांच करने को मजबूर कर दिया. हालांकि, जांच में सामने आया कि एक ही मकान में 447 नहीं, बल्कि सिर्फ 12 मतदाता रहते हैं. दरअसल, यह मामला मतदाता सूची में हुई तकनीकी त्रुटि का है.
पढ़िए पूरा मामला
पुरा मामला झारखंड के गढ़वा सदर प्रखंड के बाएं बूथ संख्या-283 की है.जहां मतदाता सूची में गृह संख्या-1 के सामने एक साथ 447 मतदाताओं के नाम दर्ज पाए गए. मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई कि आखिर एक ही घर में इतने मतदाता कैसे दर्ज हो गए. शिकायत मिलने पर निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की. जांच टीम जब मौके पर पहुंची और मतदाता सूची का मिलान किया, तो गृह संख्या-1 के वास्तविक निवासी ने बताया कि उनके घर में सिर्फ 12 मतदाता रहते हैं.मामले की जानकारी मिलने के बाद गढ़वा उपायुक्त के निर्देश पर एसडीएम और जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी के नेतृत्व में टीम को जांच के लिए भेजा गया. अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मतदाता सूची और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की. जांच के दौरान गृह संख्या को लेकर हुई गड़बड़ी सामने आई. अधिकारियों ने इसे तकनीकी त्रुटि मानते हुए मतदाता सूची में आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया है.
पढिए अधिकारियों ने क्या कहा
जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी के मुताबिक, 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान कंप्यूटर में दर्ज मतदाता सूची का डेटा ही 2026 की SIR प्रक्रिया में ट्रांसफर किया गया था. इस पुराने डेटा में गृह संख्या-1 अंकित थी. वहीं, SIR के तहत अभी सभी घरों को नए सिरे से गृह संख्या आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. इसी वजह से एक ही गृह संख्या के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम दर्ज दिखाई दे रहे हैं.वहीं, संबंधित BLO और सुपरवाइजर का कहना है कि मतदाता पुनरीक्षण के फॉर्म में गृह संख्या दर्ज करने को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं है. ऐसे में यह त्रुटि किस स्तर पर हुई, इसकी जांच की जा रही है. निर्वाचन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि SIR का उद्देश्य ही मतदाता सूची में मौजूद इस तरह की त्रुटियों को पहचानना और उन्हें दुरुस्त करना है.
4 सितंबर तक दावा-आपत्ति दर्ज कराने का मौका
अधिकारियों के मुताबिक, मतदाता सूची में हुई ऐसी गलतियों को सुधारने के लिए मतदाताओं को 4 सितंबर तक दावा-आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है. प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच के बाद मतदाता सूची में आवश्यक सुधार किया जाएगा. यानी गढ़वा में एक ही मकान के पते पर 447 मतदाताओं के नाम दर्ज होने का मामला भले ही हैरान करने वाला हो, लेकिन जांच में साफ हो गया है कि एक घर में वास्तव में 447 लोग नहीं रहते हैं. यह मतदाता सूची में दर्ज हुई तकनीकी त्रुटि का मामला है.

