बहरागोड़ा में सड़क निर्माण को लेकर घमासान, बिना शिलान्यास काम शुरू करने पर हंगामा, दोनों पक्षों में तू-तू मैं-मैं

बहरागोड़ा प्रखंड की मौदा पंचायत में सड़क निर्माण को लेकर रविवार को जमकर विवाद हुआ है. बहादुरपुर चौक से उड़िया स्कूल तक करीब 37.23 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य शुरू किए जाने पर सांसद प्रतिनिधि और ठेकेदार आमने-सामने आ गए.

बहरागोड़ा में सड़क निर्माण को लेकर घमासान, बिना शिलान्यास काम शुरू करने पर हंगामा, दोनों पक्षों में तू-तू मैं-मैं

सिंहभूम (SINGHBHUM): बहरागोड़ा प्रखंड की मौदा पंचायत में सड़क निर्माण को लेकर रविवार को जमकर विवाद हुआ है. बहादुरपुर चौक से उड़िया स्कूल तक करीब 37.23 लाख रुपये की लागत से बनने वाली पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य शुरू किए जाने पर सांसद प्रतिनिधि और ठेकेदार आमने-सामने आ गए. बिना शिलान्यास के काम शुरू किए जाने का आरोप लगाते हुए सांसद प्रतिनिधि कुमार गौरव पुष्टी ने कार्यस्थल पर पहुंचकर विरोध जताया. इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और तू-तू मैं-मैं हुई. स्थिति बिगड़ती देख बहरागोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया. पुलिस ने दोनों पक्षों को आगे की बातचीत के लिए थाना बुलाया. वहीं, विवाद बढ़ने के बाद एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने फोन पर ठेकेदार को फिलहाल निर्माण कार्य रोकने का मौखिक निर्देश दिया है.

सांसद प्रतिनिधि कुमार गौरव पुष्टी का आरोप है कि ठेकेदार ने बिना किसी पूर्व सूचना और बिना विधिवत शिलान्यास कार्यक्रम के सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया. उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं के तहत निर्माण कार्य शुरू करने से पहले जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों को जानकारी दी जानी चाहिए. उन्होंने मांग की कि जब तक सड़क का विधिवत शिलान्यास नहीं हो जाता, तब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाए. इसी मांग को लेकर उन्होंने कार्यस्थल पर पहुंचकर विरोध जताया, जिसके बाद ठेकेदार पक्ष के साथ विवाद बढ़ गया.

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वहीं, कुसुम कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार राहुल शंकर बाजपेयी ने सांसद प्रतिनिधि के आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि उन्हें एनआरईपी कार्यालय से विधिवत वर्क ऑर्डर मिला है और विभाग की ओर से जल्द काम शुरू करने का निर्देश दिया गया था. ठेकेदार के मुताबिक, उन्हें करीब चार महीने पहले लॉटरी के माध्यम से यह काम मिला था. उन्होंने दावा किया कि पीडब्ल्यूडी कोड में शिलान्यास को अनिवार्य प्रावधान नहीं बताया गया है. इसके बावजूद उन्होंने जनप्रतिनिधियों और सांसद से संपर्क करने का प्रयास किया था.

राहुल बाजपेयी का आरोप है कि विभाग की ओर से काम शुरू नहीं करने पर ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने निर्माण कार्य शुरू कराया. उन्होंने यह भी दावा किया कि अधिकांश स्थानीय ग्रामीण सड़क निर्माण के समर्थन में हैं. ठेकेदार ने आरोप लगाया कि टेंडर नहीं मिलने के कारण विरोध किया जा रहा है और उन पर काम छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा है. ठेकेदार ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है. उन्होंने जिला प्रशासन और उपायुक्त से सुरक्षा की मांग की है.

विवाद की सूचना मिलने पर बहरागोड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया. इसके बाद मामले को लेकर दोनों पक्षों को थाना बुलाया गया. वहीं, स्थिति को देखते हुए एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ने ठेकेदार को दूरभाष पर फिलहाल काम रोकने का निर्देश दिया है. फिलहाल सड़क निर्माण का काम स्थगित है. प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से विवाद को सुलझाने की कोशिश की जा रही है. सड़क निर्माण को लेकर सामने आए दोनों पक्षों के दावों के बीच अब आगे विभागीय स्तर पर क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर सभी की नजर है.

रिपोर्ट : अरुण बारीक