काठीकुंड कांड:चार घंटे सड़क जाम, शाम को कैंडल मार्च,अब झारखंड बंद का अल्टीमेटम

काठीकुंड में नाबालिग आदिवासी किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना ने दुमका को झकझोर कर रख दिया है. घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है.

काठीकुंड कांड:चार घंटे सड़क जाम, शाम को कैंडल मार्च,अब झारखंड बंद का अल्टीमेटम

दुमका: जिला के काठीकुंड थाना क्षेत्र में नाबालिग आदिवासी किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की घटना ने दुमका को झकझोर कर रख दिया है. घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है. सोमवार को जिला मुख्यालय में दिनभर विरोध प्रदर्शन का दौर चला. कहीं सड़क जाम कर शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी हुई, तो कहीं कैंडल मार्च निकालकर पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग उठी. सवाल अब यही है कि आखिर कब तक एक मासूम को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा?

झाड़ियों में मिला था  नौवीं की छात्रा का शव, गांव में पसरा मातम

काठीकुंड थाना क्षेत्र के एक गांव में शुक्रवार की शाम से लापता नौवीं कक्षा की आदिवासी छात्रा का शव शनिवार को गांव के पास झाड़ियों में मिला था. बताया जाता है कि छात्रा स्कूल से लौटकर घर पहुंची थी. इसके बाद वह गाय लाने खेत गई, लेकिन गाय तो घर लौट आई, किशोरी वापस नहीं आई. अगले दिन उसका शव बरामद हुआ. मृतका के शरीर पर जख्म के निशान मिलने के बाद परिजनों ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई. इस मामले में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

तीन दिन बाद भी गिरफ्तारी नहीं, बढ़ता जा रहा आक्रोश

घटना के बाद से ही काठीकुंड से लेकर दुमका जिला मुख्यालय तक आक्रोश का माहौल है. शनिवार को काठीकुंड में भी विरोध प्रदर्शन किया गया था. इसके बावजूद घटना के तीन दिन बाद तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों का गुस्सा और गहरा गया है. सोमवार को यह आक्रोश सड़कों पर साफ दिखाई दिया. लोगों की मांग है कि पुलिस जल्द से जल्द अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करे और पीड़िता को न्याय दिलाए.

एसपी कॉलेज से निकला जुलूस, आंबेडकर चौक पर चार घंटे तक हंगामा

सोमवार को झारखंड छात्र सभा के बैनर तले बड़ी संख्या में छात्र एसपी कॉलेज परिसर से जुलूस की शक्ल में निकले और आंबेडकर चौक पहुंचे. यहां छात्रों ने शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए चौक को जाम कर दिया. सड़क जाम होने से आवागमन प्रभावित हुआ और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा. प्रदर्शनकारियों के आक्रोश के बीच जाम हटवाना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया. लगभग चार घंटे तक आंबेडकर चौक जाम रहा.

दो दिनों में गिरफ्तारी का आश्वासन, तब जाकर खत्म हुआ जाम

स्थिति को संभालने के लिए नगर थाना प्रभारी, मुफस्सिल थाना प्रभारी, सदर अंचल अधिकारी और जिला कल्याण पदाधिकारी आंबेडकर चौक पहुंचे. अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर उन्हें समझाने का प्रयास किया. प्रशासन की ओर से दो दिनों के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया गया. इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त किया. अब पुलिस के सामने इस आश्वासन को समय पर पूरा करने और मामले का खुलासा करने की चुनौती है.

शाम को निकला कैंडल मार्च, न्याय की मांग के साथ बुलंद हुई आवाज

दिन भर सड़क जाम के बाद शाम को छात्र समन्वय समिति के बैनर तले पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया. एसपी कॉलेज परिसर से शुरू हुआ मार्च पोखरा चौक होते हुए वीर कुंवर सिंह चौक तक पहुंचा. हाथों में जलती मोमबत्तियां लिए बड़ी संख्या में छात्र इस मार्च में शामिल हुए. मार्च के जरिए छात्रों ने नाबालिग के लिए न्याय और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई.

14 अक्टूबर तक गिरफ्तारी नहीं तो अनिश्चितकालीन झारखंड बंद

कैंडल मार्च के दौरान छात्र नेताओं ने पुलिस प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 14 अक्टूबर तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो अनिश्चितकालीन झारखंड बंद किया जाएगा. छात्र नेताओं का कहना है कि एक नाबालिग के साथ हुई इस घटना को हल्के में नहीं लिया जा सकता. अब सभी की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं. प्रशासन के सामने दो दिनों के भीतर गिरफ्तारी के आश्वासन को पूरा करने की चुनौती है, जबकि आंदोलनकारी तय समयसीमा तक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने के संकेत दे चुके हैं.