दुमका (DUMKA): नशा नाश का कारण होता है, यह जानते सभी है लेकिन इस पर अमल बहुत कम लोग ही कर पाते हैं. तभी तो नशा का वैध अवैध कारोबार तेजी से फल फूल रहा है. अगर हम बात झारखंड की उपराजधानी दुमका की करें तो अक्सर गांजा के अवैध कारोबार का खुलासा होता रहा है, लेकिन लंबे अर्से बाद पुलिस ने ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार का खुलासा किया है. जरमुंडी एसडीपीओ नवल किशोर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने हंसडीहा थाना क्षेत्र के +2 हाई स्कूल हंसडीहा स्थित स्टेडियम परिसर से लगभग 10 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन युवक को गिरफ्तार किया है.
रविवार की शाम गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुरूप 5 जुलाई की शाम पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि स्टेडियम परिसर में तीन युवक ब्राउन शुगर की खरीद फरोख्त कर रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जरमुंडी एसडीपीओ नवल किशोर सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया. टीम जब स्टेडियम परिसर पहुंची तो तीनों युवक पुलिस को देख भागने लगा. दौड़ा कर तीनों को पकड़ा गया. पूछ ताछ में तीनों युवक संतोष प्रद जवाब नहीं दे पाया. तलाशी लेने पर तीनों युवक के पास से ब्राउन शुगर बरामद हुआ. उसके बाद पुलिस ने तीनों युवक को गिरफ्तार कर लिया.
दुधानी का रहने वाला है तीनों युवक, हंसडीहा थाना क्षेत्र में हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार किए गए युवक का नाम शहादत शेख, मो. बसीर और आर्यन शेख है. शहादत शेख के पास से 5.46 ग्राम, मो बसीर के पास से 2.78 ग्राम और आर्यन शेख के पास से 1.48 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुआ. शहादत और बसीर दोनों दुमका के दुधानी स्थित शांति नगर कब्रिस्तान के पास का रहने वाला है जबकि आर्यन शेख दुधानी टॉवर चौक स्थित आईसक्रीम फैक्ट्री के पास का रहने वाला है. कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार को तीनों युवक को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया की जा रही है.
पुलिस की कार्रवाई सराहनीय लेकिन कई सवाल अनुत्तरित
युवा पीढ़ी का झुकाव जिस तेजी से नशे की तरफ हो रहा है उसे देखते हुए ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार के खिलाफ दुमका पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है. लेकिन सवाल कई है. यह अवैध कारोबार आखिर दुमका में कब से फल फूल रहा था? किसके संरक्षण में यह धंधा चल रहा है? इसका सरगना कौन है? तीन युवकों की गिरफ्तारी के बाद क्या इस कारोबार के सरगना तक भी पुलिस पहुंचेगी या फिर मामला यहीं समाप्त हो जाएगा? यह सवाल इसलिए भी अहम है क्योंकि अभी तक गांजा के अवैध कारोबार में शामिल छुटभैया की गिरफ्तारी तो होती है लेकिन आका तक नहीं पहुंच पाती.
रिपोर्ट : पंचम झा

