बकरी चोरी के शक में चार युवकों को दी तालिबानी सज़ा, वीडियो हुआ वायरल

दुमका (DUMKA): कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति किस तरह विधि-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती है, इसका एक कथित वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो गोड्डा नगर थाना क्षेत्र के रामनगर का बताया जा रहा है. हालांकि, The News Post इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

वायरल वीडियो में कथित तौर पर चार लोगों को एक ही रस्सी से बांधकर खुले मैदान में लाते हुए देखा जा सकता है. चारों के हाथ भी बंधे नजर आ रहे हैं. इसके बाद वहां मौजूद भीड़ द्वारा उनकी कथित रूप से पिटाई की जाती है. बताया जा रहा है कि इलाके में लगातार हो रही बकरी चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोग परेशान थे. इसी बीच चार लोगों को कथित तौर पर बकरी चोरी के आरोप में पकड़ लिया गया. इसके बाद उन्हें रस्सी से बांधकर पीटने का आरोप है.

‘चोर’ पकड़ने के नाम पर कानून हाथ में!
वीडियो में कुछ लोग चारों को पुलिस के हवाले करने की बात भी कहते सुनाई दे रहे हैं. यदि वीडियो में दिख रही घटना सही है, तो बकरी चोरी के संदेह में किसी व्यक्ति को पकड़ना और उसकी पिटाई करना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. अपराध का आरोप लगने पर कार्रवाई का अधिकार पुलिस और न्यायिक व्यवस्था के पास है, भीड़ के पास नहीं.

वायरल वीडियो ने खड़े किए गंभीर सवाल
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं. हालांकि वीडियो में नजर आ रहे लोगों पर वास्तव में बकरी चोरी का आरोप सही है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर किसी व्यक्ति को कानून के बजाय भीड़ के हाथों सजा देने की इजाजत कौन दे रहा है?

आरोप की जांच जरूरी, भीड़ की हिंसा पर भी कार्रवाई हो
बकरी चोरी की घटनाओं से यदि ग्रामीण या स्थानीय लोग परेशान हैं तो पुलिस से शिकायत और कानूनी कार्रवाई ही उचित रास्ता है. चोरी के आरोपों की जांच होनी चाहिए, लेकिन आरोप सिद्ध होने से पहले भीड़ द्वारा मारपीट किसी भी स्थिति में कानूनसम्मत नहीं मानी जा सकती. वायरल वीडियो की सत्यता और घटना की वास्तविकता सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी.

रिपोर्ट : पंचम झा/ अजीत, गोड्डा