टीएनपी डेस्क(TNP DESK): झारखंड की उपराजधानी दुमका को अब एक नई पहचान मिलने जा रही है. जिले के राखाबनी इलाके में पहला टोफू यानी सोया पनीर बनाने का कारखाना शुरू हो गया है. इस यूनिट के शुरू होने से अब दुमका और आसपास के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही ताजा टोफू उपलब्ध हो सकेगा. साथ ही इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है.
कारखाने में शुरुआत में रोजाना करीब 100 किलो टोफू तैयार किया जाएगा. संचालकों का कहना है कि अगर बाजार में इसकी मांग बढ़ती है तो उत्पादन भी बढ़ाया जाएगा. टोफू बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला सोयाबीन फिलहाल मध्य प्रदेश से मंगाया जाएगा. तैयार उत्पाद को बाजार में "आरोही बाइट्स" नाम से बेचा जाएगा.
कारखाने का उद्घाटन दुमका के सांसद नलिन सोरेन ने किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि ऐसे छोटे उद्योग जिले के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं. इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और दुमका में नए उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा. कार्यक्रम में मौजूद विशिष्ट अतिथि सुमिता सिंह ने कहा कि यह सिर्फ दुमका ही नहीं, बल्कि पूरे संथाल परगना क्षेत्र के लिए अच्छी पहल है. इससे लोगों को एक पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य पदार्थ आसानी से मिल सकेगा.
टोफू को सोया पनीर भी कहा जाता है. इसे सोयाबीन से तैयार किया जाता है. सबसे पहले सोयाबीन को कई घंटों तक पानी में भिगोया जाता है. इसके बाद उसे पीसकर उसका दूध निकाला जाता है. फिर इस दूध को उबालकर उसमें नींबू का रस, सिरका या अन्य प्राकृतिक पदार्थ मिलाया जाता है, जिससे दूध फट जाता है. बाद में इस मिश्रण को छानकर सांचे में दबाया जाता है और ठोस टोफू तैयार हो जाता है.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, टोफू प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन का अच्छा स्रोत है. खासकर शाकाहारी लोगों के लिए यह प्रोटीन का बेहतरीन विकल्प माना जाता है. यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में इसकी मांग लगातार बढ़ी है.
बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए टोफू का कारोबार भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यवसाय युवाओं के लिए स्वरोजगार का अच्छा माध्यम बन सकता है. होटल, रेस्टोरेंट और स्थानीय बाजारों में भी इसकी अच्छी मांग है.
दुमका में शुरू हुआ यह पहला टोफू कारखाना जिले के औद्योगिक विकास की दिशा में एक नई शुरुआत माना जा रहा है. आने वाले समय में यदि मांग बढ़ती है, तो उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर और लोगों को रोजगार मिलने की भी संभावना है.
