दुमका:रील का जुनून पड़ा जिंदगी पर भारी! चेकडेम में डूबे दो किशोर, दोस्त को बचाने गया रमन भी नहीं लौटा
सोशल मीडिया पर कुछ पल की लोकप्रियता और एक रील बनाने की चाहत दो परिवारों को जिंदगी भर का गम दे गई. दुमका जिला के हंसडीहा थाना क्षेत्र के हथगढ़ स्थित धोबई नदी चेकडेम में रविवार को नहाने के दौरान दो स्कूली छात्रों की डूबने से मौत हो गई.
दुमका: सोशल मीडिया पर कुछ पल की लोकप्रियता और एक रील बनाने की चाहत दो परिवारों को जिंदगी भर का गम दे गई. दुमका जिला के हंसडीहा थाना क्षेत्र के हथगढ़ स्थित धोबई नदी चेकडेम में रविवार को नहाने के दौरान दो स्कूली छात्रों की डूबने से मौत हो गई. एक किशोर को डूबता देख उसे बचाने के लिए पानी में कूदा उसका दोस्त भी गहरे पानी और तेज बहाव की चपेट में आ गया और अपनी जान गंवा बैठा.
रील के लिए पानी में उतरा उमेश, लौटकर घर नहीं पहुंचा
मृतकों की पहचान हथगढ़ निवासी संतोष मंडल के 16 वर्षीय पुत्र रमन मंडल और तेतरिया गांव निवासी राजेंद्र सिंह के 15 वर्षीय पुत्र उमेश कुमार के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार दोनों अपने कुछ दोस्तों के साथ चेकडेम में नहाने पहुंचे थे. इसी दौरान उमेश सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के उद्देश्य से पानी में उतर गया.
एक पल में बदली मस्ती, तेज बहाव में फंस गया किशोर
पानी में उतरने के दौरान उमेश अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गया और डूबने लगा. काफी देर तक जब वह पानी से बाहर नहीं आया तो दोस्तों में अफरा तफरी मच गई.
दोस्ती ने दिखाई हिम्मत, लेकिन बचाने वाला भी नहीं बचा
उमेश को डूबता देख उसका दोस्त रमन उसे बचाने के लिए बिना देर किए पानी में कूद पड़ा. रमन ने दोस्त को बचाने की कोशिश की, लेकिन चेकडेम के गहरे पानी और तेज बहाव ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया. देखते ही देखते दोनों किशोर पानी में समा गए.
चार घंटे चला तलाश अभियान, फिर सामने आया मौत का मंजर
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी. सूचना पर अंचलाधिकारी राहुल कुमार शानू और थाना प्रभारी अजीत कुमार यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे. स्थानीय तैराकों और ग्रामीणों की मदद से दोनों किशोरों की तलाश शुरू की गई.
चार घंटे की मशक्कत के बाद मिले दोनों के शव
कई घंटे तक चले खोज अभियान के बाद दोनों छात्रों के शव चेकडेम से बाहर निकाले गए. शव मिलते ही मौके पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों के बीच मातम पसर गया.
बच्चों के शव देख फूट पड़ा परिजनों का कलेजा
घटना की खबर मिलते ही दोनों के परिजन घटनास्थल पर पहुंचे. अपने बच्चों को मृत देखकर परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया. कुछ देर पहले तक दोस्तों के साथ घर से निकले किशोरों की मौत की खबर ने पूरे इलाके को गम में डुबो दिया.
दोस्ती की मिसाल भी, लेकिन हादसे की सीख भी
रमन ने दोस्त को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की. उसकी कोशिश दोस्ती और साहस की मिसाल जरूर है, लेकिन यह घटना यह भी बताती है कि तेज बहाव और गहरे पानी में बिना सुरक्षा के उतरना कितना खतरनाक हो सकता है.
रील कुछ सेकंड की, जिंदगी पूरी उम्र की
सोशल मीडिया पर एक रील के लिए कुछ सेकंड का वीडियो बनाया जा सकता है, लेकिन जिंदगी का कोई रीटेक नहीं होता. इस घटना ने खासकर किशोरों के लिए बड़ा संदेश छोड़ा है कि सोशल मीडिया का कंटेंट जिंदगी से बड़ा नहीं है. पानी में उतरकर वीडियो या रील बनाने का जोखिम कभी-कभी ऐसी कीमत वसूल सकता है, जिसे परिवार पूरी जिंदगी नहीं भूल पाता.
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
एक हादसा, दो जिंदगियां और कई सवाल
दो किशोरों की मौत ने सिर्फ दो परिवारों से उनके बच्चे नहीं छीने, बल्कि बाकी युवाओं के लिए भी एक गंभीर चेतावनी छोड़ दी है. खतरनाक जगह पर रील बनाने से पहले एक बार यह जरूर सोचें कि वीडियो वायरल होगा या जिंदगी खत्म हो जाएगी, इसकी कोई गारंटी नहीं.
रील दोबारा बनाई जा सकती है, जिंदगी नहीं.
सोशल मीडिया के लिए सावधानी छोड़कर जोखिम न उठाएं.क्योंकि जिंदगी में ‘रीटेक’ का विकल्प नहीं होता.