काठीकुंड कांड के बाद प्रशासन अलर्ट! अब स्कूलों से सार्वजनिक स्थलों तक छात्राओं की सुरक्षा पर सख्ती
काठीकुंड थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है. इस घटना के बाद स्कूली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. डीसी अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में विद्यालयों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने
दुमका: काठीकुंड थाना क्षेत्र में नाबालिग छात्रा के दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया है. इस घटना के बाद स्कूली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. डीसी अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में विद्यालयों से लेकर सार्वजनिक स्थलों तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, पुलिस गश्ती बढ़ाने और छात्राओं की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
सुरक्षा सिर्फ निर्देशों से नहीं, जमीन पर दिखे इंतजाम
डीसी ने जिले के सभी विद्यालयों में छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों और पीएम श्री विद्यालयों में संचालित प्रशिक्षण का विस्तार अन्य स्कूलों तक करने पर जोर दिया गया.
हर स्कूल के बाहर पुलिस की नजर
विद्यालय खुलने और छुट्टी होने के समय पुलिस गश्ती बढ़ाई जाएगी. आउटडोर स्टेडियम, खूंटा बांध और गांधी मैदान जैसे सार्वजनिक स्थलों पर रात्रि गश्ती के निर्देश दिए गए. अंधेरे एवं संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर स्ट्रीट लाइट लगाने को भी कहा गया.
हेल्पलाइन से शिकायत पेटी तक, जवाबदेही तय
आपातकालीन सहायता के लिए 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का प्रचार प्रसार किया जाएगा. स्कूलों में शिकायत पेटियों की नियमित जांच, शिकायतों का गोपनीय निपटारा और बाहरी व्यक्तियों का विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा. स्कूल वाहनों के चालकों का पहचान संबंधी ब्योरा भी संधारित किया जाएगा.
अभिभावकों से संवाद, लापरवाह चालकों पर कार्रवाई
विद्यालयों में नियमित अभिभावक शिक्षक बैठक आयोजित कर छात्राओं की सुरक्षा और उनकी समस्याओं पर चर्चा करने का निर्देश दिया गया. तेज रफ्तार एवं लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी.
काठीकुंड की घटना ने खड़े किए गंभीर सवाल
काठीकुंड की घटना के बाद छात्राओं और अभिभावकों में सुरक्षा को लेकर चिंता स्वाभाविक है. ऐसे में प्रशासनिक निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी महत्वपूर्ण होगी. डीसी ने कहा कि छात्राओं को भयमुक्त वातावरण देना प्रशासन, पुलिस, विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों की सामूहिक जिम्मेदारी है. किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाए और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई हो.
बैठक में आला अधिकारी मौजूद
बैठक में एसपी पीतांबर सिंह खेरवार, सहायक समाहर्ता अवनीश कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी कौशल कुमार सहित शिक्षा, परिवहन, समाज कल्याण एवं पुलिस विभाग के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे.