क्या टूटेगा मिथक! अब नितिन नवीन से कैसे जुड़ा गिरिडीह उपचुनाव? क्या सीएम हेमंत सोरेन को भी लगाना होगा जोर, पढिए
बंगाल के बाद झारखंड भाजपा के टारगेट में है और शायद यही वजह है कि नेता-कार्यकर्ताओं में अभी से ही उत्साह भरने राष्ट्रीय अध्यक्ष रांची पहुंचे थे. वैसे भी भाजप ने तमाम संगठन के लोगो को बदल दिया है. इधर, गिरिडीह उपचुनाव के पहले भाजपा की प्रदेश कार्य समिति की दो दिवसीय बैठक रांची में संपन्न हो गई.
टीएनपी डेस्क (TNP DESK): बंगाल के बाद झारखंड भाजपा के टारगेट में है और शायद यही वजह है कि नेता-कार्यकर्ताओं में अभी से ही उत्साह भरने राष्ट्रीय अध्यक्ष रांची पहुंचे थे. वैसे भी भाजप ने तमाम संगठन के लोगो को बदल दिया है. इधर, गिरिडीह उपचुनाव के पहले भाजपा की प्रदेश कार्य समिति की दो दिवसीय बैठक रांची में संपन्न हो गई. इस बैठक में खास बात यह रही कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल हुए. उन्होंने कहा कि संयुक्त बिहार के समय से ही झारखंड का इलाका भाजपा का मजबूत गढ़ रहा है. यहां के कार्यकर्ता जिस दिन कमर कस लेंगे, उस दिन झारखंड में भाजपा को सत्ता में आने से कोई रोक नहीं सकता. अब नितिन नवीन के दौरे के बाद गिरिडीह उपचुनाव में भाजपा की अग्नि परीक्षा होगी. झामुमो को भी कड़ी मिहनत करनी पड़ सकती है. अगर नितिन नवीन के दौरे के बाद भी गिरिडीह उपचुनाव में भाजपा को सफलता नहीं मिलती है, तो झारखंड भाजपा नेताओं की बड़ी किरकिरी हो सकती है.
झारखंड के उपचुनाव का परिणाम भाजपा के लिए ठीक नहीं रहा
वैसे, देखा जाए तो झारखंड के उपचुनाव का परिणाम भाजपा के लिए सुखद नहीं रहा है, आंकड़े इसके गवाह हैं. 2020 में दुमका में भाजपा दूसरे स्थान पर रही थी. झामुमो के बसंत सोरेन जीते थे. 2020 में ही बेरमो उपचुनाव की बात हो तो कांग्रेस के अनूप सिंह को जीत मिली थी. भाजपा दूसरे स्थान पर थी. 2021 में मधुपुर उपचुनाव की चर्चा हो तो झामुमो के हफीजुल हसन चुनाव जीते थे. भाजपा दूसरे नंबर पर रही थी. 2022 में मांडर उपचुनाव की बात की जाए तो कांग्रेस की शिल्पी नेहा तिर्की चुनाव जीती थी. भाजपा दूसरे स्थान पर थी. 2023 में रामगढ़ उपचुनाव की बात हो तो आजसू की सुनीता चौधरी चुनाव जीती थी. 2023 में डुमरी की बात की जाए तो झामुमो की बेबी देवी चुनाव जीती थी. भाजपा ने आजसू उम्मीदवार को समर्थन किया था. 2024 में गांडेय उपचुनाव की बात की जाए तो झामुमो की कल्पना सोरेन चुनाव जीती थी. भाजपा दूसरे स्थान पर रही.
2025 में घाटशिला में भी भाजपा रही दूसरे नंबर पर
2025 में घाटशिला की बात की जाए तो झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन चुनाव जीते, भाजपा दूसरे स्थान पर रही. अब गिरिडीह में भी उपचुनाव होने जा रहा है. 2019 से यहां झामुमो की जीत होती रही है. 2024 की आम चुनाव की बात की जाए, तो झामुमो में और भाजपा में बहुत करीबी मुकाबला था और लगभग 4000 वोटो से जीत-हार तय हुई थी. सुदिव्य कुमार सोनू ने निर्भय कुमार शाहबादी को हराया था. झामुमो के लिए तो गिरिडीह का उप चुनाव महत्वपूर्ण है ही, लेकिन भाजपा के लिए भी नाक की लड़ाई होगी.
झारखंड में भाजपा के नए चेहरों के लिए होगा लिट्मस टेस्ट
मध्य प्रदेश के सांसद और आदिवासी नेता गजेंद्र सिंह पटेल को भाजपा ने झारखंड का प्रभारी बनाया है. छत्तीसगढ़ के सौरभ सिंह और बिहार के निवेदिता सिंह सह प्रभारी बने हैं. पवन साय को प्रदेश संगठन महामंत्री की जिम्मेवारी दी गई है. मतलब भाजपा ने संगठन के लगभग सभी बड़े चेहरों को बदल दिया है. ऐसे में अब गिरिडीह का उपचुनाव होगा. नवम्बर में चुनाव संभव हो सकता है. गिरिडीह में 2019 और 2024 में भाजपा को हार मिली थी. भाजपा ने जो चेहरे बदले हैं, उनके लिए भी गिरिडीह का उप चुनाव लिटमस टेस्ट साबित होगा. झारखंड के दिवंगत मंत्री विधायक सोनू के निधन से गिरिडीह की सीट खाली हुई है. एक तरह से कहा जाए तो दिवंगत मंत्री की पत्नी का नाम झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से लगभग फाइनल माना जा रहा है.