झरिया में पानी पर अनोखा आंदोलन, आधी रात की सप्लाई से परेशान लोगों ने खोला मोर्चा
झरिया में आधी रात को होने वाली जलापूर्ति के विरोध में लोगों ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है. नागरिकों का कहना है कि रात 12 से 3 बजे तक पानी आने से नींद और स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है.
धनबाद (DHANBAD): पानी के लिए तो आंदोलन कोयलांचल के लिए कोई नई बात नहीं है. मौसम चाहे कोई भी हो, पानी के लिए यहां आंदोलन होते ही रहते हैं. लेकिन अगर इस बात के लिए आंदोलन होना शुरू हो जाए कि आधी रात को पानी सप्लाई क्यों की जाती है? तो इस आंदोलन पर सबका ध्यान जाना बहुत ही स्वाभाविक हैं. झरिया में ऐसे ही एक आंदोलन की शुरुआत हुई है.
खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार द्वारा कतरास मोड़, शिमला बहाल रोड में आधी रात को जलापूर्ति की जा रही है. इसका विरोध नागरिकों ने विभाग के अधिकारियों से किया. कहा कि रात के वक्त जलापूर्ति से वह पानी नहीं ले पाते हैं. समय पर जलापूर्ति की जाए, लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन शुरू कर दिया गया. जानकारी के अनुसार बुधवार को आधी रात को जलापूर्ति के खिलाफ लोगों ने हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है. उनका कहना है कि रात 12:00 बजे से 3:00 बजे के बीच पानी की सप्लाई की जा रही है. पानी के चक्कर में लोग रात को सो नहीं पा रहे हैं और उनकी सेहत खराब हो रही है.
चेतावनी दी गई है कि यदि मांग पूरी नहीं की गई तो कार्यालय का चक्का जमकर उग्र आंदोलन किया जाएगा. हस्ताक्षर अभियान शुरू करने वालों के सवाल है कि जलापूर्ति विभाग प्रेशर के नाम पर रात को सप्लाई करता है, लेकिन उसे आम जनता की परेशानी नहीं दिखती. रात 12:00 बजे सप्लाई होने से नींद खराब होती है, सेहत बिगड़टी है, इसके लिए कौन जिम्मेवार है? लोगों की डिमांड है कि सप्लाई सुबह 5 से 9:00 बजे या शाम को 5:00 से 9:00 बजे के बीच की जाए. आज शुरू हुए हस्ताक्षर अभियान में मुख्य रूप से प्रवीण झा, अरविंद सिंह, इमरान अंसारी, महताब आलम, नरेन्द्र सिंह, अखलाक अहमद, रोहन तिवारी, प्रकाश रजक, दीपक वर्मा, सुनील चौबे, रंजन सिंह, आनंद रवानी, रमीज राजा, मुकेश रवानी, संतोष यादव, मनोहर जयसवाल इत्यादि शामिल हुए.