धनबाद(DHANBAD): धनबाद में अभी दिलचस्प राजनीतिक लड़ाई चल रही है. सिंह मेंशन और सांसद ढुल्लू महतो के बीच चल रही राजनीतिक लड़ाई अब निरसा की ओर मुड़ गई है. सांसद और निरसा विधायक एक दूसरे के राजनीतिक विरोधी बने हुए हैं. सांसद ढुल्लू महतो ने अशोक मंडल को एक बार फिर भाजपा में शामिल करा लिया है और इसके बाद चर्चा तेज है कि निरसा में ही अरूप चटर्जी को घेरने की तैयारी सांसद पक्ष कर रहा है. जबकि अरुण चटर्जी सांसद को उनके संसदीय क्षेत्र में घेरने की तैयारी कर रहे हैं और इसी क्रम में 22 जुलाई को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर गैर दलीय धरना करने का प्रस्ताव है.
दरअसल, निरसा की राजनीति को अगर देखा जाए तो दिलचस्प आकड़े सामने आएंगे। गुरुदास चटर्जी और केएस चटर्जी के बाद कई बदलाव हुए. आकड़े के अनुसार अशोक मंडल भाजपा के टिकट पर दो बार निरसा से चुनाव लड़ चुके है. 2005 में बीजेपी के टिकट पर अशोक मंडल में चुनाव लड़े थे. उन्हें 30,678 वोट मिले थे. 2005 में फाब्ला के टिकट पर अपर्णा सेनगुप्ता गुप्ता विधायक बनी थी. 2009 में भी अशोक मंडल बीजेपी के टिकट पर निरसा से चुनाव लड़े , उन्हें 33,388 वोट मिले थे. इस बार अरूप चटर्जी विधायक बने थे.
2014 में अशोक मंडल झामुमो के टिकट पर चुनाव लड़े, उन्हें 43,329 वोट मिले थे. इस समय अरूप चटर्जी विधायक बने थे. 2019 में झामुमो के टिकट पर अशोक मंडल निरसा से चुनाव लड़े थे. उन्हें 47,168 वोट मिले थे. इस समय भाजपा के टिकट पर अपर्णा सेनगुप्ता गुप्ता विधायक चुनी गई थी. 2024 में जब झामुमो का टिकट नहीं मिला तो अशोक मंडल जेएलकेएम में चले आए और उन्होंने निरसा से चुनाव लड़ा, उन्हें 16,316 वोट मिले। 2024 में अरूप चटर्जी विधायक बने.
यह अलग बात है कि अशोक मंडल के भाजपा में शामिल होने का निरसा के भाजपा के बड़े नेता कितना स्वीकार करेंगे ,यह भविष्य के गर्भ में है. लोग बताते हैं कि सांसद ढुल्लू महतो के निरसा में प्रदर्शन कार्यक्रम के बाद एक नई राजनीति की शुरुआत हो गई है. भाजपा सर्किल में इसकी खूब चर्चा है. विधायक अ रूप चटर्जी के राजनीतिक विरोधी अशोक मंडल को सांसद ने भाजपा में शामिल करा लिया, तो भाजपा के मंच पर निरसा के दो कद्दावर नेता नहीं दिखे। पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री अपर्णा सेन गुप्ता और गणेश मिश्रा को नजरे ढूंढती रही, लेकिन वह नजर नहीं आये. गणेश मिश्रा विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं तो अपर्णा सेनगुप्ता 2019 में निरसा भाजप की टिकट पर विधायक चुनी गई थी.
2024 में विधानसभा चुनाव में झामुमो से टिकट नहीं मिलने पर अशोक मंडल झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा में शामिल होकर निरसा से चुनाव लड़ा था. सांसद ढुल्लू महतो और विधायक अरूप चटर्जी के बीच चल रही राजनीतिक लड़ाई के केंद्र में निरसा अब आ गया है. सांसद ,निरसा में ही विधायक को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, तो विधायक दलगत भावना से उठकर धनबाद के विकास के लिए एक नया मंच तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं . इसकी शुरुआत हो गई है, भीतर ही भीतर तैयारी चल रही है. 22 जुलाई को धनबाद के विकास के लिए धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर एकदिवसीय धरना होगा। यह धरना अप्रत्यक्ष रूप से सांसद ढुल्लू महतो को चुनौती ही होगी।

