Singh Mansion Vs Raghukul: नई "लड़ाई" की रोचक इनसाइड स्टोरी, कैसे मंच बनेगा धनबाद क्रिकेट संघ, फिर क्या होगा

Singh Mansion Vs Raghukul:  नई "लड़ाई" की रोचक इनसाइड स्टोरी, कैसे मंच बनेगा धनबाद क्रिकेट संघ, फिर क्या होगा

 धनबाद(DHANBAD):  धनबाद क्रिकेट संघ के बहाने अब कोयलांचल के दो  मजबूत घराने(अगर रघुकुल और पृथ्वी निवास को साथ कर लिया जाये ) आपस में टकराएंगे ,घरानों   के टकराहट का मंच बनेगा धनबाद क्रिकेट संघ.  दरअसल, मेयर संजीव सिंह धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन के नाराज लोगों की  पीठ पर हाथ रखा , तो संघ ने भी "अघोषित लड़ाई" छेड़  दी है ।  पहले तो संजीव सिंह के दो करीबियों को बाहर का रास्ता दिखाया, उसके बाद विशेष आमसभा बुलाने की मांग को खारिज कर दिया गया.  रघुकुल के पूर्व विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह के देवर अभिषेक सिंह को संघ में कार्यकारिणी सदस्य मनोनीत किया गया.  वहीं महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए गठित नई समिति में रामधीर  सिंह की बहू आसनी सिंह को सदस्य बनाया गया.  

एक तरफ सिंह मेंशन होगा तो दूसरी तरफ रघुकुल - पृथ्वी निवास

मतलब साफ है कि एक तरफ सिंह मेंशन होगा तो दूसरी तरफ रघुकुल - पृथ्वी निवास होगा।  पृथ्वी दिवस में ही रामधीर  सिंह का परिवार रहता है.  दरअसल, इस लड़ाई की शुरुआत नगर निगम चुनाव से हुई थी.  धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन के महासचिव विनय कुमार सिंह इंदु  देवी के पक्ष में काम कर रहे थे. वह संजीव सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ रही थी.  इंदु  देवी  धनबाद की पहली मेयर भी है.  आसनी सिंह उनकी पुत्रवधू हैं.  चुनाव जीतने के बाद भी विरोधियों के खिलाफ संजीव सिंह का गुस्सा शांत नहीं हुआ.  इसको भाँफ  कर  धनबाद क्रिकेट संघ के नाराज लोगो ने  संजीव सिंह से संपर्क किया और संजीव सिंह का समर्थन  प्राप्त कर लिया।  इसके बाद धनबाद क्रिकेट संघ पर कब्जे की लड़ाई शुरू हुई. 

कोलियरियों के बाद मजबूत घरानो  की लड़ाई अब खेल संघ में भी दिखेगी

 कहा जा सकता है कि कोलियरी, लोडिंग पॉइंट, मजदूर संगठन के बाद अब मजबूत घरानो  की लड़ाई खेल संघ में भी दिखेगी।  संजीव सिंह का अगला कदम क्या होगा, इस पर धनबाद की नजर रहेगी।  वैसे, धनबाद क्रिकेट संघ का अब विवाद और अधिक गहरा गया है और क्रिकेट संघ की राजनीति में सियासत हावी होती दिख रही है.  इस सियासत में कौन आगे निकलेगा, कौन किसे पटकनी देगा , यह देखने वाली बात होगी।  वैसे भी सिंह मेंशन और रघुकुल के बीच 36 के आंकड़े हैं और शायद धनबाद क्रिकेट संघ के विवाद से दूरियां और बढ़ेगी।  धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन में कुछ महीनो से विवाद चल रहा है.  अवधेश कुमार सिंह ने संघ के महासचिव को पत्र भेजकर विशेष आमसभा बुलाने की मांग की थी. 

संजीव सिंह ने वर्तमान कमेटी पर कई आरोप लगाए थे ,तब बात और बिगड़ी 

 कमेटी की कार्यकारिणी पर सवाल उठाते हुए विशेष आमसभा बुलाने की मांग की गई थी.  इसके बाद मेयर संजीव सिंह ने धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन की वर्तमान कमेटी पर कई आरोप लगाते हुए कहा था कि यह कमेटी अल्पमत में है.  कोई नीतिगत फैसला नहीं ले सकती।  उन्होंने विशेष आमसभा बुलाने की मांग का समर्थन किया था.  सबसे बड़ी बात है कि संघ  ने संजीव सिंह के दो नजदीकियों  को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है.   संतोष कुमार सिंह और दिवेन  तिवारी को बाहर किया गया है.  उनके स्थान पर तत्काल प्रभाव से कार्यकारी सदस्य की नियुक्ति भी कर दी गई है.  

क्या  कहते हैं धनबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार 

संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि अवधेश कुमार सिंह की ओर से भेजे गए पत्र पर प्रबंध समिति की 26 जून को हुई बैठक में चर्चा हुई थी.  बैठक में उस पत्र में सदस्यों के हस्ताक्षर की वैधता को लेकर संशय व्यक्त किया गया था.  पत्र देने के तीन दिन के बाद स्वयं अवधेश कुमार सिंह ने ईमेल भेजकर स्वीकार किया था कि उस पत्र में दस सदस्यों के हस्ताक्षर वैध नहीं थे.  इसपर समिति ने सदस्यों के हस्ताक्षर की वैधता की जांच कराने के लिए धनबाद प्रेस क्लब के अध्यक्ष संजीव कुमार झा को अधिकृत किया गया था.  संजीव कुमार झा ने इसपर अपनी रिपोर्ट 16 जुलाई को सौंपी, जिसमें यह कहा गया कि कई सदस्यों ने उसमें अपना फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कही है.  कई क्लबों के प्रतिनिधियों के तौर पर जो हस्ताक्षर किए गए, वे क्लब की ओर से प्राधिकृत ही नहीं थे.  एक ऐसे सदस्य के भी इसपर हस्ताक्षर मिले जो लंबे समय से विदेश में हैं. 

65 प्रतिशत सदस्यों के हस्ताक्षर में गड़बड़ी का किया गया है दावा 
 
कुल मिलाकर 65 प्रतिशत सदस्यों के हस्ताक्षर में गड़बड़ी पाई गई.  संजीव झा के जांच प्रतिवेदन के आधार पर अवधेश कुमार सिंह की मांग को अस्वीकृत कर दिया गया और इस संबंध में उन्हें रविवार को पत्र भेज भी दिया गया.  धनबाद में महिला क्रिकेट को प्रोत्साहन देने और महिला क्रिकेटरों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महिला समिति का गठन किया गया.  समिति की अध्यक्ष डीपीएस की प्राचार्य डा. सरिता सिन्हा को बनाया गया, जबकि पूनम शर्मा, आसनी  सिंह, डा. नीतू सहाय, सोनाली सिंह, सुप्रिया कुमारी, कल्याणी सिन्हा, डा. रीना बर्णवाल और बिंदु सिंह को इसका सदस्य मनोनीत किया गया. 

बैठक में कार्यकारिणी सदस्य संतोष कुमार सिंह एवं दिवेन तिवारी के आचरण एवं एसोसिएशन की गतिविधियों के प्रति उनके असहयोगात्मक रवैये को लेकर चर्चा की गई.  प्रबंध समिति का मत था कि उनके व्यवहार से ऐसा लग रहा था कि उनका उस समिति पर विश्वास ही नहीं है, जिसके वे सदस्य हैं.  इससे लगता है कि वे कार्यकारिणी सदस्य के रूप में कार्य करने के इच्छुक नहीं हैं और ऐसा माना जाता है कि उन्होंने अपना पद त्याग दिया है.  उनके स्थान पर अशोक सराफ और शिव शक्ति को तत्काल प्रभाव से कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त करने का निर्णय लिया गया.  इसके अलावा अभिषेक सिंह को भी कार्यकारिणी सदस्य नियुक्त करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया.